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चलती ट्रेन में चादर के विवाद ने लिया सेना जवान की जान: जम्मू तवी-साबरमती एक्सप्रेस में अटेंडेंट ने चाकू से किया हमला, बीकानेर में गिरफ्तारी

चलती ट्रेन में चादर के विवाद ने लिया सेना जवान की जान

बीकानेर, 4 नवंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर के पास जम्मू तवी-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार रात एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। गुजरात निवासी सेना के जवान जिग्नेश चौधरी की एक मामूली चादर मांगने के विवाद में ट्रेन अटेंडेंट ने चाकू से गहरा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी अटेंडेंट जुबैर मेमन को बीकानेर रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना न केवल रेल यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती है, बल्कि सेना के जवान के साथ हुई इस क्रूरता ने राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है।

जवान की पहचान और यात्रा का विवरण

ट्रेन
ट्रेन

जिग्नेश चौधरी (उम्र लगभग 28 वर्ष) गुजरात के साबरमती क्षेत्र के निवासी थे। वे जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में भारतीय सेना की एक इन्फैंट्री यूनिट में तैनात थे और 2019 में सेना में भर्ती हुए थे। रविवार को वे छुट्टी पर घर लौट रहे थे। फिरोजपुर कैंट (पंजाब) से जम्मू तवी-साबरमती एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12413) में सवार होकर वे स्लीपर कोच एस-3 की सीट नंबर 12 पर सफर कर रहे थे। ट्रेन गुजरात के साबरमती तक जा रही थी, जो बीकानेर से होकर गुजरती है।

परिवार के अनुसार, जिग्नेश एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और कभी किसी से विवाद नहीं करते थे। उनके एक रिश्तेदार ने बताया, “जिग्नेश छुट्टी पर घर आ रहा था। हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ट्रेन का सफर उसके लिए आखिरी साबित होगा।” जिग्नेश की मौत की खबर मिलते ही गुजरात में उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी जोधपुर से बीकानेर पहुंचे हैं और मामले की निगरानी कर रहे हैं।

विवाद कैसे बढ़ा हत्या तक?

घटना रविवार रात करीब 10:30 बजे लूणकरणसर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के तुरंत बाद हुई। ठंड के कारण जिग्नेश को ओढ़ने के लिए चादर की जरूरत महसूस हुई। स्लीपर कोच में उपलब्ध न होने पर वे एसी कोच बी-4 में पहुंचे और वहां तैनात अटेंडेंट जुबैर मेमन से चादर मांगी। जुबैर, जो अहमदाबाद के न्यूटेक ग्रुप द्वारा संविदा पर नियुक्त एसी कोच अटेंडेंट थे, ने चादर देने से इनकार कर दिया, जिससे दोनों के बीच बोलचाल का विवाद शुरू हो गया।

विवाद बढ़ने पर जुबैर के सहयोगी भी वहां पहुंच गए। गुस्से में आकर जुबैर ने जिग्नेश को धमकियां दीं। जिग्नेश वापस अपने स्लीपर कोच एस-3 लौट आए, लेकिन जुबैर ने उन्हें ढूंढते हुए स्लीपर कोच एस-2 में प्रवेश कर लिया। वहां दोनों के बीच हाथापाई हो गई। इसी दौरान जुबैर ने जेब से चाकू निकाल लिया और जिग्नेश के दाहिने पैर की पिंडली (काफ मसल) में गहराई तक चाकू घोंप दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि खून तेजी से बहने लगा। जिग्नेश दर्द से कराह उठे और कोच के फर्श पर गिर पड़े।

सह-यात्रियों ने चीख-पुकार मचा दी, लेकिन ट्रेन चलती रही। हमलावर जुबैर भागकर अपने एसी कोच में छिप गया। पेंट्रीकार मैनेजर शिवकुमार ने तुरंत ट्रैवलिंग टिकट इंस्पेक्टर (टीटीआई) देवकिशन सारण को सूचना दी, जो कोच एस-3 में चेकिंग कर रहे थे। टीटी ने कोच एस-2 के 9 से 14 नंबर वाले केबिन में पहुंचकर लहूलुहान जिग्नेश को देखा और वाणिज्य नियंत्रण बीकानेर को अलर्ट किया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

ट्रेन

ट्रेन के बीकानेर पहुंचते ही गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। आरोपी जुबैर को उसके कोच से हिरासत में ले लिया गया। टीटीआई देवकिशन सारण की रिपोर्ट पर जीआरपी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जुबैर को सोमवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

जीआरपी ने घटनास्थल को सील कर दिया और चाकू को बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने कोच एस-2 की विस्तृत जांच की, जहां खून के निशान और अन्य साक्ष्य संग्रहित किए गए। अन्य यात्रियों से पूछताछ जारी है। कुछ स्रोतों के अनुसार, विवाद में जुबैर के एक सहयोगी का भी हाथ हो सकता है, जिसकी जांच चल रही है।

जीआरपी थानाध्यक्ष आनंद कुमार गिला ने बताया, “टीटीआई देवकिशन सारण की रिपोर्ट पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी जुबैर मेमन को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि विवाद चादर को लेकर हुआ, लेकिन चाकू का इस्तेमाल क्यों किया, इस पर वह टालमटोल कर रहा है। यात्रियों के बयान लिए जा रहे हैं।” एक अन्य अधिकारी ने कहा, “अटेंडेंट के पास चाकू कैसे था, यह जांच का विषय है। रेलवे कॉन्ट्रैक्टर्स के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।”

जांच की स्थिति और व्यापक प्रभाव

मामले की जांच तेजी से चल रही है। एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है, जो चोट की गहराई और मौत के सटीक कारण की पुष्टि करेगी। जिग्नेश का शव पीबीएम अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया है, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव गुजरात भेजा जाएगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर शोक व्यक्त किया और कहा, “सैनिक के साथ यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत दुखद है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।” इस घटना ने रेलवे में संविदा कर्मचारियों की स्क्रीनिंग और ट्रेनों में हथियारों की जांच पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोच अटेंडेंट्स के बैकग्राउंड चेक को सख्त करना जरूरी है।

बीकानेर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जिग्नेश की मौत से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सेना भाईचारा शोकाकुल है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटे विवाद भी घातक रूप धारण कर सकते हैं।

(अधिक अपडेट के लिए बने रहें। यह रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों से संकलित जानकारी पर आधारित है।)

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