Putin पुतिन के इंटरव्यू में भारत की जमकर तारीफ, पीएम मोदी के नेतृत्व को सराहा!
Putin रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली दौरे से ठीक पहले एक विशेष इंटरव्यू में भारत के साथ अपने देश के संबंधों के महत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की है। पुतिन ने द्विपक्षीय साझेदारी की अद्वितीय प्रकृति पर जोर दिया और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती शक्ति को रेखांकित किया।
इंटरव्यू की मुख्य बातें, जिन पर पुतिन ने जोर दिया, नीचे दी गई हैं:
भारत की वैश्विक stature और पीएम मोदी के नेतृत्व पर Putin पुतिन के बयान
-
भारत की महानता और प्रगति:
-
पुतिन ने भारत को “एक महान देश” बताया, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।
-
उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद 77 वर्षों के अल्प समय में देश ने “चमत्कार जैसा विकास” हासिल किया है। उन्होंने विशेष रूप से जीवन प्रत्याशा में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता की तारीफ की।
-
-
पीएम मोदी की प्रशंसा:
-
पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी “आसानी से दबाव में आने वालों में से नहीं हैं,” खासकर पश्चिमी टैरिफ और प्रतिबंधों के संबंध में।
-
उन्होंने कहा, “उनके (मोदी के) फैसले हवा में नहीं लिए जाते। वह भारत में रहते हैं और भारत की सांस लेते हैं। भारत भाग्यशाली है कि वह हिंदुस्तान में रहते हैं।”
-
उन्होंने पीएम मोदी के दृष्टिकोण को अडिग और स्पष्ट बताया और कहा कि दुनिया ने भारत की इस मजबूत नीति को देखा है।
-
-
भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति:
-
पुतिन ने स्पष्ट रूप से कहा कि दुनिया को अब भारत को सम्मान के साथ देखना होगा, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि “भारत एक महान शक्ति है; कोई ब्रिटिश कॉलोनी नहीं, और सभी को इसे ध्यान में रखना होगा।”
-
द्विपक्षीय साझेदारी और भू-राजनीति पर दृष्टिकोण
-
साझेदारी किसी के विरुद्ध नहीं:
-
रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत-रूस साझेदारी किसी तीसरे देश के खिलाफ निर्देशित नहीं है और इसका एकमात्र ध्यान दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा पर है।
-
-
पश्चिमी प्रतिबंधों को चुनौती:
-
पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीतियों पर सवाल उठाया।2 उन्होंने पूछा कि अमेरिका खुद तो अपने रिएक्टरों के लिए रूस से परमाणु ईंधन खरीदता है, तो फिर भारत को रूसी तेल आयात के लिए आलोचना क्यों झेलनी पड़ती है?
-
उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका को हमसे ईंधन खरीदने का अधिकार है, तो भारत को वही विशेषाधिकार क्यों नहीं होना चाहिए?”
-
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि “कुछ ताकतें” भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को पसंद नहीं करती हैं और जानबूझकर “कृत्रिम बाधाएँ” खड़ी कर रही हैं।
-
-
आतंकवाद पर समर्थन:
-
पुतिन ने दोहराया कि रूस “आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का पूरी तरह से समर्थन करता है” और नई दिल्ली को उग्रवाद का मुकाबला करने में “पूर्ण सहयोगी” बताया।
-
-
व्यापार और दोस्ती:
-
पुतिन ने बताया कि भारत और रूस के बीच 90 प्रतिशत से अधिक द्विपक्षीय लेनदेन सफलतापूर्वक स्थानीय मुद्राओं (रुपया-रूबल) में पूरे हो चुके हैं, जिससे पश्चिमी प्रतिबंधों का असर कम होता है।
-
उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपनी “भरोसेमंद और दोस्ताना” दोस्ती का भी जिक्र किया और SCO शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी कारपूल को “दोस्ती का संकेत” बताया।
-
पुतिन का यह इंटरव्यू उनकी भारत यात्रा के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है और यह दर्शाता है कि रूस, भारत को एक अद्वितीय और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार मानता है, जो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम है।
also read:-Apple Watch Activates Hypertension Notifications in India
follow us:-Pentoday | Facebook
