VANDE MATARAM ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर राज्यसभा में महाबहस, अमित शाह ने की शुरुआत
राष्ट्रीय गीत VANDE MATARAM ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संसद में चल रही विशेष चर्चा आज (मंगलवार) लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी शुरू हुई। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस बहस की शुरुआत की थी।
राज्यसभा में चर्चा के मुख्य अंश:
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चर्चा की शुरुआत: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने इस राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
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सरकार का पक्ष: शाह ने ज़ोर देकर कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम का ‘महामंत्र’ था, जिसने देश को एकजुट किया। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि यह बहस बंगाल चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है।
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पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला (सोमवार): लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर 1937 में ‘वंदे मातरम्’ के महत्वपूर्ण छंदों को अलग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति और देश के विभाजन के बीज बोने वाला फैसला बताया था।
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विपक्ष का पलटवार: कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने पीएम मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 1937 का फैसला महात्मा गांधी, नेहरू और मौलाना आजाद जैसे नेताओं की सहमति से लिया गया था। उनका तर्क है कि गीत के कुछ हिस्सों में धार्मिक भावनाएं थीं, जिससे कुछ समुदायों को आपत्ति थी, इसलिए केवल पहली दो पंक्तियों को ही राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया।
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चर्चा का समापन: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा राज्यसभा में इस बहस का समापन करेंगे। यह बहस राष्ट्रीय गीत के इतिहास, राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका और इससे जुड़े विवादों पर केंद्रित है।
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