National

AMIT SHAH का प्रियंका गांधी पर पलटवार

AMIT SHAH

AMIT SHAH का प्रियंका गांधी पर पलटवार

गृह मंत्री AMIT SHAH अमित शाह ने उन विपक्षी सदस्यों पर निशाना साधा, जिन्होंने इस बात पर सवाल उठाया था कि राष्ट्रीय गीत पर चर्चा करने की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने बिना नाम लिए, प्रियंका गांधी वाड्रा के आरोप का खंडन किया कि यह बहस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है।

  • प्रश्न पर सवाल: अमित शाह ने कहा कि कुछ सदस्यों ने वंदे मातरम पर चर्चा की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं, और उन्हें आत्मनिरीक्षण (introspect) करने की जरूरत है।

  • राष्ट्रीय गीत की महत्ता: उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम बंगाल तक सीमित नहीं है, और इसे चुनावी राजनीति से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा की आवश्यकता “तब भी थी जब इसे लिखा गया था, जब भारत स्वतंत्र हुआ था, आज भी है, और 2047 में विकसित भारत के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगी।”

  • भावना और प्रेरणा: उन्होंने वंदे मातरम को एक “अमर रचना” बताया जो ‘माँ भारती’ के प्रति भक्ति और कर्तव्य की भावना को जगाती है। उन्होंने कहा कि जब देश का कोई युवा जवान अपना बलिदान देता है, तो उसके होंठों पर सिर्फ ‘वंदे मातरम’ शब्द होते हैं।

AMIT SHAH

AMIT SHAH : नेहरू और इंदिरा गांधी पर हमला

गृह मंत्री ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर वंदे मातरम के इतिहास के साथ “समझौता” करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

  • नेहरू पर आरोप: अमित शाह ने सीधे तौर पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को ‘विभाजित’ करने का आरोप लगाया।4 उन्होंने कहा कि नेहरू ने गीत को दो छंदों तक सीमित कर दिया, जो तुष्टिकरण की राजनीति की शुरुआत थी और इसी से भारत के विभाजन की नींव पड़ी। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गीत के साथ “विश्वासघात” था।

  • इंदिरा गांधी पर निशाना: शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जब वंदे मातरम की 100वीं वर्षगांठ थी, तब देश में आपातकाल (Emergency) लगा हुआ था, जब संविधान को “कुचला” जा रहा था। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की ताकत ही वह शक्ति थी, जिसने देश को आपातकाल से उबरने में सक्षम बनाया।


प्रियंका गांधी का रुख

इससे पहले, लोकसभा में अपनी पहली बहस में, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया था कि राष्ट्रीय गीत पर बहस क्यों हो रही है, क्योंकि यह पहले से ही “देश की आत्मा” का हिस्सा है।

  • चुनावी आरोप: उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बहस पश्चिम बंगाल चुनावों को ध्यान में रखकर शुरू की है और वह वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं।

  • नेहरू की वकालत: प्रियंका गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री द्वारा नेहरू के पत्र का “चयनात्मक” उद्धरण दिया गया और उन्होंने पूरे स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं का अपमान किया, जिन्होंने 1937 में सर्वसम्मति से गीत के पहले दो छंदों को राष्ट्रीय आयोजनों के लिए अपनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने चुनौती दी कि सरकार नेहरू पर लगाए गए आरोपों पर “एक बार और हमेशा के लिए” विस्तृत चर्चा करे।

यह संसदीय बहस वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, लेकिन यह जल्दी ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक तीव्र वैचारिक टकराव में बदल गई, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर भी तीखी नोक-झोंक देखने को मिली।

Related posts

Health Ministry स्वास्थ्य मंत्रालय की नई पहल: ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रव्यापी योजना की घोषणा

admin

The Curious Journey of IITian Baba: From Top Ranks to Viral Marksheet

admin

Rain Plays Spoilsport as India’s World Cup 2025 Finale Washes Out; Big Injury Scare for Hosts

admin

Leave a Comment

Exit mobile version