रामबन में बादल फटने की घटना: 84वीं बटालियन CRPF ने की राहत और बचाव कार्य
रामबन, जम्मू-कश्मीर, 30 अगस्त 2025
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में आज तड़के एक भीषण बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई और संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा। इस संकट की घड़ी में, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 84वीं बटालियन के जवान तुरंत हरकत में आए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
घटना का विवरण
आज, 30 अगस्त 2025 को, रामबन जिले के राजगढ़ तहसील में मध्यरात्रि के आसपास बादल फटने की घटना हुई। इस आपदा ने गदग्राम गांव और नटना क्षेत्र में अचानक बाढ़ और भूस्खलन को जन्म दिया, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम चार लोगों की मृत्यु हो गई और एक व्यक्ति लापता है। कई घर, एक स्कूल और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। भारी बारिश और बाढ़ ने स्थानीय लोगों के जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
CRPF का त्वरित और मानवीय प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही, 84वीं बटालियन CRPF के जवान तुरंत दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचे। इन जवानों ने न केवल बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया। CRPF की टीम ने स्थानीय प्रशासन, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के साथ मिलकर कार्य किया।
- चिकित्सा सहायता: CRPF की मेडिकल टीमें घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान करने में जुटीं और गंभीर रूप से घायल लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में मदद की।
- लॉजिस्टिक समर्थन: जवानों ने प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी, और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
- बचाव कार्य: दुर्गम और खतरनाक इलाकों में पहुंचकर, CRPF ने लापता लोगों की तलाश में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
स्थानीय निवासियों ने CRPF की 84वीं बटालियन के जवानों के इस मानवीय और निस्वार्थ प्रयास की जमकर प्रशंसा की। एक स्थानीय निवासी, अजय कुमार ने कहा, “CRPF के जवानों ने इस आपदा में हमें अकेला नहीं छोड़ा। उनकी त्वरित कार्रवाई और सहायता ने कई जिंदगियां बचाईं।”
प्रशासन और नेतृत्व का योगदान
रामबन के उपायुक्त (DC) मोहम्मद अल्यास खान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अरुण गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की। उपायुक्त ने कहा, “हमारी टीमें रात से ही सक्रिय हैं। SDRF, QRT, और CRPF के साथ मिलकर हम प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने अपने आधिकारिक X पोस्ट में लिखा, “रामबन और रियासी में बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान से मैं दुखी हूं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।”
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रामबन, जम्मू, रियासी, और अन्य जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 अगस्त से 2 सितंबर तक क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
