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Indore metro: 80 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ ट्रायल रन जारी, पर यात्री न मिलने से ऑपरेशन सीमित

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Indore metro इंदौर मेट्रो: 80 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ ट्रायल रन जारी, पर यात्री न मिलने से ऑपरेशन सीमित

इंदौर: Indore metro मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन विभिन्न गति पर लगातार जारी है। जहां एक ओर मेट्रो ट्रेन को जल्द ही 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान में चल रहे 6 किलोमीटर के हिस्से में यात्रियों की भारी कमी के चलते इसका व्यावसायिक संचालन (Commercial Operation) सीमित होकर केवल शाम के समय ही हो रहा है।

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Indore metro :तेज रफ्तार की तैयारी

  • लक्ष्य 80 किमी/घंटा: इंदौर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) का अंतिम लक्ष्य मेट्रो ट्रेन को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाना है, जिसके लिए अलग-अलग चरणों में गति परीक्षण (Speed Trial) किए जा रहे हैं।

  • परीक्षण में वृद्धि: शुरुआती 10 से 25 किमी/घंटा की गति के बाद, हाल के ट्रायल रन में गति को 80 से 90 किमी/घंटा तक बढ़ाया गया है। यह परीक्षण ट्रैक, सिग्नलिंग, ब्रेक सिस्टम और कोच के कंपन की जांच के लिए महत्वपूर्ण है।

  • CMRS निरीक्षण: मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) द्वारा सुरक्षा और गति सहित सभी तकनीकी मापदंडों का अंतिम निरीक्षण किया जाएगा।


Indore metro: यात्री संकट और सीमित ऑपरेशन

वर्तमान में, मेट्रो ट्रेन का संचालन ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ के लगभग 6 किलोमीटर के छोटे से हिस्से में हो रहा है, जिसमें गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक के स्टेशन शामिल हैं।

  • यात्री न मिलने का कारण:

    • बसाहट का अभाव: यह 6 किलोमीटर का हिस्सा मुख्य रूप से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में है, जहां आस-पास घनी आबादी या बड़े व्यावसायिक/शैक्षणिक संस्थान नहीं हैं।

    • अपूर्ण कनेक्टिविटी: पूरा कॉरिडोर (17 किलोमीटर या उससे अधिक) अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे यह हिस्सा शहर के मुख्य हिस्सों (जैसे विजय नगर, रेडिसन चौराहा, एयरपोर्ट) से जुड़ा हुआ नहीं है।

  • परिणामस्वरूप सीमित संचालन: यात्री संख्या बहुत कम होने के कारण, मेट्रो का संचालन अब दिन के समय की बजाय केवल शाम के समय ही किया जा रहा है, और इसकी फ्रिक्वेंसी भी कम कर दी गई है। शुरुआती दिनों में मुफ्त यात्रा के दौरान 25,000 से अधिक यात्री थे, लेकिन किराया लगने के बाद यह संख्या घटकर दैनिक 500 से भी कम हो गई है।


आगे की योजना

  • विस्तार पर जोर: मेट्रो कॉर्पोरेशन अब जल्द से जल्द कॉरिडोर को 17 किलोमीटर तक बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिसमें विजय नगर और रेडिसन चौराहा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल होंगे।

  • वाणिज्यिक संचालन की उम्मीद: उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में स्टेशनों का निर्माण पूरा होने और सीआरएस की मंजूरी मिलने के बाद 17 किलोमीटर के खंड पर पूर्ण वाणिज्यिक संचालन शुरू हो सकेगा, जिससे यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


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