Businesses International National News Brief

राष्ट्रपति मुर्मू की ऐतिहासिक अफ्रीकी यात्रा शुरू: भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प

राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मुर्मू की ऐतिहासिक अफ्रीकी यात्रा शुरू

8 नवंबर 2025: भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से छह दिवसीय ऐतिहासिक अफ्रीकी दौरे पर रवाना हो गईं। यह यात्रा 8 से 13 नवंबर तक चलेगी, जिसमें अंगोला (8-11 नवंबर) और बोत्सवाना (11-13 नवंबर) शामिल हैं। यह किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इन दोनों अफ्रीकी देशों में पहली राज्य यात्रा है, जो भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ नेतृत्व भूमिका को मजबूत करने और अफ्रीकी महाद्वीप के साथ विकास साझेदारी को गहरा करने का प्रतीक है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह यात्रा भारत-अफ्रीका व्यापार को 100 अरब डॉलर के पार ले जाने और ऊर्जा, रक्षा, कृषि व जैव विविधता संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी।

राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा अफ्रीका आउटरीच का हिस्सा है, जो नवंबर में भारत की बड़ी कूटनीतिक पहल का प्रारंभिक बिंदु है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22-23 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में G20 शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होंगे। MEA के आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “यह यात्रा भारत की अफ्रीकी महाद्वीप के साथ बढ़ती साझेदारी को दर्शाती है। अंगोला के साथ हमारी ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी महत्वपूर्ण है, जबकि बोत्सवाना से हीरे आयात और चीता प्रोजेक्ट में सहयोग मजबूत हो रहा है।”

अंगोला यात्रा: ऊर्जा और स्वतंत्रता दिवस समारोह का केंद्र

राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति मुर्मू

राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का पहला चरण अंगोला की राजधानी लुआंडा में होगा, जहां उनका स्वागत अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लोरेंको करेंगे। यह यात्रा मई 2025 में लोरेंको के भारत दौरे का प्रत्युत्तर है, जब दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंधों के 40 वर्ष पूरे होने पर रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के लिए कई समझौते किए थे। राष्ट्रपति मुर्मू 11 नवंबर को अंगोला की 50वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ समारोह में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगी, जो यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगा।

अंगोला में कार्यक्रमों में द्विपक्षीय वार्ताएं, अंगोला संसद को संबोधन और भारतीय समुदाय से भेंट शामिल है। चर्चा के प्रमुख मुद्दे:

  • ऊर्जा सहयोग: अंगोला तेल समृद्ध देश है और भारत इसका प्रमुख आयातक। MEA के अनुसार, यात्रा के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में गहराई लाने पर जोर होगा, जिसमें अन्वेषण, उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं।
  • कृषि और तकनीक: अंगोला में विशाल कृषि योग्य भूमि है। भारतीय कृषि विशेषज्ञता और तकनीक साझा करने पर सहमति बनेगी, जो अंगोला की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी।
  • रक्षा और अंतरिक्ष: 200 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (LOC) पर चर्चा होगी। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग से विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी बात होगी।
  • स्वास्थ्य, मत्स्य पालन और क्षमता निर्माण: इन क्षेत्रों में एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना है।

अंगोला के साथ भारत का व्यापार तेजी से बढ़ रहा है, और यह यात्रा रक्षा, व्यापार व निवेश को नई गति देगी। दलेला ने कहा, “अंगोला अफ्रीकी संघ (AU) का अध्यक्ष है। हम भारत-अफ्रीका फोरम समिट की अगली बैठक को सफल बनाने के लिए AU के साथ विचार-विमर्श करेंगे।”

बोत्सवाना यात्रा: हीरे, चीता प्रोजेक्ट और व्यापार वृद्धि पर फोकस

11 नवंबर को अंगोला से प्रस्थान कर राष्ट्रपति मुर्मू बोत्सवाना पहुंचेंगी, जहां बोत्सवाना के राष्ट्रपति दूमा गिडियन बोको उनका स्वागत करेंगे। यहां द्विपक्षीय वार्ताएं, राष्ट्रीय सभा को संबोधन, भारतीय समुदाय से मुलाकात और सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थलों का दौरा शामिल है।

बोत्सवाना के साथ संबंधों के प्रमुख बिंदु:

  • हीरा व्यापार: भारत बोत्सवाना के कच्चे हीरों का सबसे बड़ा आयातक है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी।
  • चीता ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट: भारत का महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ यहां नया मोड़ ले सकता है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के बाद बोत्सवाना से चीतों की ट्रांसलोकेशन पर सहमति बनेगी। MEA के अनुसार, “चीते जल्द ही भारत पहुंचेंगे।” यह जैव विविधता संरक्षण में भारत-अफ्रीका सहयोग का प्रतीक बनेगा।
  • रक्षा, साइबर सुरक्षा और रेलवे: रक्षा क्षेत्र में सहयोग, साइबर सुरक्षा, रेल कनेक्टिविटी और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों पर बात होगी। शिक्षा और क्षमता निर्माण में मौजूदा साझेदारी को मजबूत किया जाएगा।
  • लोगों के बीच संपर्क: भारतीय प्रवासी समुदाय (अफ्रीका में 30 लाख से अधिक) से जुड़ाव बढ़ेगा।

दलेला ने कहा, “यात्रा बोत्सवाना के साथ नई क्षेत्रों में सहयोग को ताकत देगी, जैसे ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स और रक्षा।”

भारत-अफ्रीका संबंधों में नया अध्याय

यह यात्रा भारत की अफ्रीकी महाद्वीप के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। MEA के अनुसार, भारत-अफ्रीका व्यापार 100 अरब डॉलर के करीब पहुंच चुका है, जिसमें ऊर्जा, खनन और तकनीक प्रमुख हैं। राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा चीन की अफ्रीका में बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत करेगी। केंद्रीय मंत्री वी. सोमनना यात्रा के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जो यात्रा की गरिमा बढ़ाएगा।

अफ्रीका में भारतीय डायस्पोरा के लिए यह यात्रा प्रेरणा स्रोत बनेगी। राष्ट्रपति मुर्मू ने रवानगी से पहले कहा, “यह यात्रा भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुरानी मित्रता को नई ऊर्जा देगी।” यात्रा की सफलता से भारत-अफ्रीका फोरम समिट को नई दिशा मिलेगी।

also read:-पीएम मोदी ने वाराणसी से हरी झंडी दिखाई 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को PM Modi Flags Off 4 New Vande Bharat Express Trains from Varanasi: Revolutionizing Speed and Luxury in Travel

follow us:-Pentoday | Facebook

Related posts

मध्य प्रदेश में नकली नोटों का बड़ा जखीरा बरामद: खंडवा के मदरसे से इमाम के कमरे से ₹19 लाख से अधिक की जाली करेंसी जब्त

admin

जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के नेपाल के रास्ते घुसने की सूचना-बिहार में हाई अलर्ट

admin

PCB Clarifies Missing Indian Flag in Karachi, Says ICC Directive Behind the Decision”

admin

Leave a Comment