दिल्ली सरकार का ऐतिहासिक फैसला

10 नवंबर 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि दिसंबर 2025 तक राजधानी में 187 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इससे दिल्ली में इन स्वास्थ्य केंद्रों की कुल संख्या 355 हो जाएगी। यह पहल केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज विधानसभा भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “दिल्ली की जनता का स्वास्थ्य हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पिछले दो वर्षों में हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, लेकिन अभी भी कई इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। इन 187 नए आरोग्य मंदिरों से हम न केवल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को कवर करेंगे, बल्कि डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर स्क्रीनिंग जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष जोर देंगे।” गुप्ता ने आगे जोड़ा कि यह विस्तार दिल्ली को ‘स्वास्थ्य राजधानी’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्या हैं?

आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र सरकार की प्रमुख योजना ‘आयुष्मान भारत’ के अंतर्गत स्थापित स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर (एबी-एचडब्ल्यूसी) हैं। ये केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हैं, जहां मुफ्त जांच, दवाइयां, योगा सत्र, पोषण परामर्श और विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध होती है। वर्तमान में दिल्ली में 168 ऐसे केंद्र कार्यरत हैं, जो मुख्य रूप से पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों में केंद्रित हैं। नए केंद्रों का विस्तार उत्तर-पश्चिम, शाहदरा, दक्षिण-पश्चिम और नई दिल्ली जैसे जिलों में होगा, जहां आबादी घनत्व अधिक है लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं अपर्याप्त हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अजय कुमार ने बताया कि प्रत्येक आरोग्य मंदिर में 10-12 स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैनात किए जाएंगे, जिनमें आशा कार्यकर्ता, स्टाफ नर्स और आयुर्वेदिक चिकित्सक शामिल होंगे। “हम डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम को एकीकृत करेंगे, ताकि मरीजों को एक केंद्र से दूसरे तक आसानी से सेवाएं मिल सकें। इसके अलावा, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को इन केंद्रों से जोड़ा जाएगा, जो दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेंगी।” उन्होंने कहा।
विस्तार की योजना और बजट

सरकार ने इस परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट 450 करोड़ रुपये आवंटित किया है, जिसमें केंद्र सरकार का 60% योगदान और राज्य का 40% हिस्सा शामिल है। निर्माण कार्य नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो चुका है, और अधिकांश केंद्र दिसंबर के मध्य तक चालू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये केंद्र पर्यावरण-अनुकूल होंगे, जिसमें सोलर पैनल और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे।
विपक्षी दलों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने सवाल भी उठाए। आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा, “यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये केंद्र केवल कागजों पर न रहें।” वहीं, भाजपा ने इसे ‘दिल्ली मॉडल’ की सफलता बताया।
भविष्य की योजनाएं

इस विस्तार से अनुमानित रूप से 50 लाख से अधिक दिल्लीवासियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ये केंद्र गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) की रोकथाम में 30% तक सुधार ला सकते हैं, जो दिल्ली में मृत्यु दर का प्रमुख कारण हैं। भविष्य में, सरकार 2026 तक 100 मोबाइल आरोग्य वैन और टेलीमेडिसिन हब जोड़ने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंत में कहा, “स्वास्थ्य कोई राजनीति का विषय नहीं है। हम सभी मिलकर दिल्ली को एक स्वस्थ और समृद्ध राजधानी बनाएंगे।” यह घोषणा दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आई है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
follow us:-Pentoday | Facebook
