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Maharashtra Rain महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: 11 लोगों की मौत, 11,800 से ज्यादा को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया

भारी बारिश अलर्ट

11 लोगों की मौत, 11,800 से ज्यादा को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया

29 सितंबर 2025: महाराष्ट्र में मानसून की विदाई के बावजूद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य को संकट में डाल दिया है। पिछले 48 घंटों में मुंबई, नासिक, ठाणे, पालघर, रायगढ़, धाराशिव, अहिल्यानगर, जलना और यवतमाल जैसे जिलों में भारी वर्षा के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस आपदा में कम से कम 10 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 11,800 से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मराठवाड़ा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है, जहां जायकवाड़ी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदियां उफान पर हैं।

बारिश का अलर्ट और हालात

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, नासिक और पुणे में रेड अलर्ट जारी किया है, जहां 200 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी वर्षा, तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। नंदुरबार, जलगांव, रत्नागिरि, सतारा, सिंधुदुर्ग और मराठवाड़ा के जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण 28 से 30 सितंबर तक कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भारी वर्षा जारी रह सकती है। मुंबई में इस महीने अब तक 606 मिमी बारिश हो चुकी है, जो 2021 के बाद सबसे अधिक है, और कुल मानसून सीजन में 3,000 मिमी का आंकड़ा पार हो गया है। अगले 24 घंटों में मुंबई और आसपास के इलाकों में 100-150 मिमी और वर्षा की संभावना है, जिससे शहरी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

जानमाल का नुकसान

महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। नासिक में चार लोग मारे गए, जिनमें से तीन की मौत एक मकान ढहने से हुई। धाराशिव और अहिल्यानगर में दो-दो लोग, और जलना व यवतमाल में एक-एक व्यक्ति की जान गई। बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।

राहत और बचाव कार्य

महाराष्ट्र में बाढ़ से प्रभावित इलाकों से अब तक 11,800 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। छत्रपति संभाजीनगर के पैठण में करीब 7,000 लोगों को स्कूलों और सामुदायिक भवनों में ठहराया गया है। बीड़ में 2,567 परिवार, परभणी में 1,386 लोग, सोलापुर में 4,002 लोग और लातूर में 500 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं। नासिक और नांदेड़ में भी सैकड़ों लोगों को बचाया गया।

महाराष्ट्र में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 16 टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तेजी से काम करने और लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

स्कूल बंद, यातायात प्रभावित

महाराष्ट्र में पालघर में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में भी अगले दिन स्कूल बंद रह सकते हैं। मुंबई में लोकल ट्रेनें अभी चल रही हैं, लेकिन हिंदमाता, मालाड, दहिसर और मांकुर्ड जैसे इलाकों में जलभराव की वजह से यातायात बाधित है। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

बांधों से पानी छोड़ा गया

महाराष्ट्र में मराठवाड़ा में बाढ़ को काबू करने के लिए कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। जायकवाड़ी बांध से 1,25,000 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है, जो और बढ़ सकता है। माजलगांव, सिना कोल्हेगांव और उजनी बांधों से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। कोंकण के मॉडक सागर और तानसा बांध भी उफान पर हैं।

क्या करें लोग?

महाराष्ट्र में मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने, निचले इलाकों से दूर रहने और आपातकालीन नंबर 1077 पर संपर्क करने को कहा है। किसानों को भी फसलों के नुकसान का डर सता रहा है। सरकार ने केंद्र से मदद मांगी है, और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं।

महाराष्ट्र में स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। लोग स्थानीय समाचारों से अपडेट लेते रहें और सुरक्षित रहें।

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