MP National

इंदौर : सराफा चौपाटी में नई व्यवस्था पर विवाद, निगम ने कोर्ट में लगाई ‘कैविएट’

इंदौर

इंदौर : सराफा चौपाटी में नई व्यवस्था पर विवाद, निगम ने कोर्ट में लगाई ‘कैविएट’

इंदौर, मध्य प्रदेश – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सराहे गए इंदौर की प्रसिद्ध सराफा चौपाटी का आकार और स्वरूप अब नगर निगम (IMC) द्वारा सख्ती से नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे चौपाटी में दुकानों की संख्या को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। निगम ने पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से चौपाटी में केवल 69 दुकानें ही लगाने की अनुमति दी है। इस व्यवस्था को चुनौती मिलने की आशंका में निगम ने न्यायालय में कैविएट (Caveat) दाखिल कर दी है।

इंदौर :69 दुकानों की सूची और नई व्यवस्था

सराफा चौपाटी, जहाँ पहले 150 से 300 तक दुकानें लगती थीं, अब सिकुड़कर सिर्फ 69 दुकानों तक सीमित हो गई है। यह निर्णय सराफा व्यापारी एसोसिएशन, चौपाटी एसोसिएशन और नगर निगम के बीच कई दौर की बैठकों के बाद लिया गया है।

  • दुकानों की संख्या सीमित: नगर निगम ने घोषणा की है कि शुक्रवार (यानी वर्तमान संदर्भ में गुरुवार/शुक्रवार रात) से चौपाटी में सिर्फ 69 चिह्नित पारंपरिक दुकानें ही लग सकेंगी।

  • पारंपरिक स्वाद को प्राथमिकता: इस सूची को तैयार करते समय मोमोज, नूडल्स और अन्य चाइनीज/फास्ट-फूड आइटम बेचने वाली दुकानों को हटा दिया गया है, ताकि चौपाटी की मूल पारंपरिक मिठाई और व्यंजन वाली पहचान बनी रहे।

  • नंबरिंग अनिवार्य: व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, निगम ने स्वीकृत दुकानदारों को उनके क्रम (Number) वाली तख्तियां (Boards) दी हैं। अब दुकानदार उन्हीं तख्तियों को दिखाने के बाद ही चौपाटी में अपनी दुकान लगा सकेंगे, जिससे अनधिकृत दुकानों पर रोक लगाई जा सके।

विवाद और दुकानदारों का विरोध

निगम की इस सख्ती और छंटनी की नीति से उन दुकानदारों में भारी असंतोष है जिनकी दुकानें इस नई सूची से बाहर कर दी गई हैं। कई दुकानदार पिछले 15 से 20 वर्षों से सराफा में व्यापार कर रहे थे, और उनका कहना है कि इस फैसले ने उनकी आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है।

  • भेदभाव के आरोप: सूची से हटाए गए व्यापारियों ने निगम और चौपाटी एसोसिएशन पर मनमानी और सांठगांठ से सूची बनाने का आरोप लगाया है। गुरुवार देर रात जब निगम का अमला दुकानें हटाने पहुंचा, तो कई दुकानदारों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया, जिससे बाजार में काफी हंगामा हुआ।

  • कोर्ट जाने की आशंका: हटाए गए दुकानदारों ने एकजुट होकर निगम के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

नगर निगम का एहतियाती कदम: कैविएट

विवाद बढ़ने और कानूनी चुनौती की आशंका के चलते इंदौर नगर निगम ने न्यायालय में कैविएट दाखिल कर दी है।

  • कैविएट का उद्देश्य: कैविएट एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत निगम ने कोर्ट को सूचित किया है कि सराफा चौपाटी की व्यवस्था को लेकर उसके खिलाफ कोई भी एकतरफा आदेश जारी करने से पहले उसे (निगम को) सुना जाए। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि यदि कोई असंतुष्ट दुकानदार इस नई व्यवस्था के खिलाफ कोर्ट जाता है, तो निगम को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा।

  • सुरक्षा और व्यवस्था का तर्क: नगर निगम का कहना है कि यह पूरा निर्णय यातायात, सुरक्षा, अतिक्रमण और सराफा की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

फिलहाल, सराफा चौपाटी में नई 69 दुकानों की व्यवस्था लागू कर दी गई है और निगम का अमला सख्ती से निगरानी कर रहा है, जबकि हटाए गए दुकानदारों में तनाव और रोष बरकरार है।


also read:-Indore इंदौर की हवा हुई जहरीली, AQI बढ़ने से अस्पतालों में बढे मरीज

follow us:-Pentoday | Facebook

Related posts

कोलकाता में ED का धमाका: दो प्रमुख कारोबारी भाइयों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, सुबह-सुबह ठिकानों पर छापेमारी

admin

भारत और चीन सीमा विवाद: प्रगति या आंशिक समाधान?

admin

Revolutionary $15 Billion Google AI Hub Deal: Andhra Pradesh Ignites India’s Next Tech Boom!

admin

Leave a Comment