IML T20 2025: सचिन तेंदुलकर की इंडिया मास्टर्स ने रचा इतिहास, खिताब जीतकर हुई मालामाल, हारी वेस्टइंडीज पर भी बरसे पैसे
रायपुर, 16 मार्च 2025: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में इंडिया मास्टर्स ने रविवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में इतिहास रच दिया। इंडिया मास्टर्स ने पहले इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (IML) 2025 के फाइनल में वेस्टइंडीज मास्टर्स को छह विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम पर पैसों की बारिश हो गई, जबकि हारने वाली वेस्टइंडीज टीम को भी भारी-भरकम इनामी राशि से नवाजा गया। करीब 50,000 दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को पुरानी यादें ताजा कर दीं।
खिताब जीतने पर मिले 1 करोड़ रुपये, वेस्टइंडीज को सांत्वना पुरस्कार
इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 के खिताब विजेता के रूप में इंडिया मास्टर्स को 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि दी गई। वहीं, उपविजेता रही ब्रायन लारा की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज मास्टर्स को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 50 लाख रुपये की राशि से सम्मानित किया गया। यह टूर्नामेंट क्रिकेट के दिग्गजों की प्रतिभा और खेल भावना का शानदार मंच साबित हुआ, जिसमें इनामी राशि ने खिलाड़ियों के उत्साह को और बढ़ाया।
रोमांचक फाइनल में भारत का दबदबा
मैच की बात करें तो वेस्टइंडीज मास्टर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें 20 ओवर में 148/7 पर रोक दिया। वेस्टइंडीज के लिए लेंडल सिमंस ने सर्वाधिक 57 रन बनाए, जबकि सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ ने 45 रनों की उपयोगी पारी खेली। हालांकि, भारत के तेज गेंदबाज विनय कुमार ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर वेस्टइंडीज की कमर तोड़ दी। शाहबाज नदीम ने भी मध्य ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो विकेट अपने नाम किए।
149 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया मास्टर्स की शुरुआत धमाकेदार रही। कप्तान सचिन तेंदुलकर और अंबाती रायुडू की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी की, जिसने जीत की नींव रखी।
सचिन की सधी पारी ने जगाई यादें
51 वर्षीय सचिन तेंदुलकर ने अपनी सधी हुई बल्लेबाजी से प्रशंसकों को पुराने दिनों की याद दिला दी। उन्होंने 18 गेंदों में 25 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। उनकी पारी का अंत टीनो बेस्ट ने किया, जब चैडविक वॉल्टन ने उनका कैच लपका। सचिन के आउट होने पर स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया, लेकिन प्रशंसकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
रायुडू की आतिशी पारी ने दिलाई जीत
सचिन के आउट होने के बाद अंबाती रायुडू ने कमान संभाली और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ा दीं। रायुडू ने 50 गेंदों में 74 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें नौ चौके और तीन छक्के शामिल थे। उन्होंने टीनो बेस्ट की गेंद पर चौका लगाकर 34 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। रायुडू की इस पारी ने भारत को जीत की राह पर बनाए रखा। हालांकि, वह जीत से ठीक पहले सुलीमान बेन की गेंद पर आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत की जीत लगभग पक्की हो चुकी थी।
युवराज और बिन्नी ने लगाई जीत पर मुहर
रायुडू के आउट होने के बाद युवराज सिंह (13*) और स्टुअर्ट बिन्नी (16*) ने नाबाद रहते हुए भारत को 17.1 ओवर में लक्ष्य तक पहुँचा दिया। बिन्नी ने सुलीमान बेन के एक ओवर में दो शानदार छक्के जड़कर मैच का रोमांचक अंत किया। भारत ने यह लक्ष्य 17 गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया।
क्रिकेट का सुनहरा दौर लौटा
यह फाइनल न केवल एक क्रिकेट मैच था, बल्कि क्रिकेट के सुनहरे दौर की यादों का पुनर्जनन भी था। सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गजों का आमना-सामना देखकर प्रशंसक झूम उठे। इस टूर्नामेंट ने नॉस्टैल्जिया, कौशल और खेल की अटूट भावना को एक मंच पर ला दिया।
व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी बौछार
मैच के बाद व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी घोषणा की गई। अंबाती रायुडू को उनकी शानदार पारी के लिए “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। इसके अलावा, शाहबाज नदीम को उनकी किफायती गेंदबाजी के लिए “गेमचेंजर ऑफ द मैच” और “मोस्ट इकोनॉमिकल बॉलर” का पुरस्कार दिया गया। रायुडू को “मास्टरस्ट्रोक ऑफ द मैच” और “मोस्ट सिक्सेस ऑफ द मैच” के लिए भी सम्मानित किया गया।
भविष्य की उम्मीदें
IML 2025 की इस शानदार शुरुआत के बाद क्रिकेट प्रेमी भविष्य में ऐसे और टूर्नामेंट की उम्मीद कर रहे हैं, जहाँ दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर मैदान पर अपना जलवा बिखेर सकें। इंडिया मास्टर्स की इस जीत ने न केवल भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी को फिर से जगा दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है, जब बात खेल के प्रति जुनून की आती है।
