Health Ministry स्वास्थ्य मंत्रालय की नई पहल
Health Ministry : देश के ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति देने के उद्देश्य से, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रव्यापी योजना की घोषणा की है। इस योजना का प्राथमिक फोकस ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और आम जनता तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर रहेगा।
यह नई पहल मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और इसके उप-मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM), को और अधिक सशक्त बनाएगी, जिसका लक्ष्य सार्वभौमिक, वहनीय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करना है।
Health Ministry योजना के प्रमुख उद्देश्य और फोकस क्षेत्र
यह नई राष्ट्रव्यापी योजना ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाएगी।
-
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और उप-केंद्रों (SHC) का उन्नयन:
-
मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पहले के स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र – HWCs) के रूप में उन्नत करना।
-
इन केंद्रों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (CPHC) सेवाओं को शामिल करना, जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और प्रबंधन, मुफ्त दवाएं और डायग्नोस्टिक सेवाएं शामिल हैं।
-
-
मानव संसाधन का सशक्तिकरण:
-
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए विशेष प्रोत्साहन और वेतन वृद्धि प्रदान करना।
-
आशा (Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ताओं और अन्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण, संख्या और प्रोत्साहन को बढ़ाना।
-
-
प्रौद्योगिकी और डिजिटल स्वास्थ्य का उपयोग:
-
ग्रामीण क्षेत्रों में ई-संजीवनी (Tele-consultation) सेवाओं का विस्तार करना, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह दूरस्थ क्षेत्रों में भी उपलब्ध हो सके।
-
स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत आभा (ABHA) आईडी के निर्माण को गति देना।
-
-
विकेन्द्रीकृत स्वास्थ्य वितरण प्रणाली:
-
स्वास्थ्य योजना और कार्यान्वयन में स्थानीय पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित किए जा सकें।
-
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समितियों (VHSNCs) को सक्रिय कर स्वास्थ्य सेवाओं को सामुदायिक स्वामित्व देना।
-
सुविधा विस्तार और गुणवत्ता पर जोर
योजना के तहत, स्वास्थ्य मंत्रालय का मुख्य जोर न केवल सुविधाओं के विस्तार पर है, बल्कि उनकी गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी है।
-
निःशुल्क सेवाएँ: सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त दवाएं, मुफ्त नैदानिक सेवाएं और आपातकालीन परिवहन (जैसे Dial 102 एम्बुलेंस सेवा) जैसी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
-
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs): दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिटों (MMUs) की संख्या और उनका कवरेज बढ़ाया जाएगा।
-
कायाकल्प पहल: स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कायाकल्प जैसे कार्यक्रमों के तहत प्रदर्शन-आधारित पुरस्कारों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
वित्तीय प्रतिबद्धता

इस राष्ट्रव्यापी योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ साझेदारी में पर्याप्त वित्तीय आवंटन का वादा किया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा सीधे ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना और मानव संसाधन विकास पर खर्च किया जाएगा। राज्यों को भी सार्वजनिक स्वास्थ्य बजट में सालाना वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि यह नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकेतकों, विशेषकर मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी, और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए समान और सुलभ स्वास्थ्य सेवा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
also read:-Assam में 75 साल बाद ‘प्रवासी निष्कासन अधिनियम, 1950’ का कड़ा
follow us:-Pentoday | Facebook
