लाल किले धमाके में डॉ. शाहीन शाहिद
14 नवंबर 2025: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके की जांच में अब तक के सबसे बड़े खुलासे में पुष्टि हुई है कि मुख्य संदिग्ध डॉ. शाहीन शाहिद एक महिला डॉक्टर हैं। लखनऊ की रहने वाली डॉ. शाहीन (उम्र 40 वर्ष), जो फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में काम करती थी, को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला विंग ‘जमात-उल-मोमीनात’ की भारत प्रमुख के रूप में पहचाना गया है।
उसकी गिरफ्तारी ने पूरे आतंकी मॉड्यूल का पिटारा खोल दिया है, जिसमें महिलाओं की भर्ती, हथियारों की तस्करी और विस्फोटक जमा करने की साजिश शामिल है।
डॉ. शाहीन का बैकग्राउंड: सतह पर डॉक्टर, गहराई में आतंकी
- पहचान और शिक्षा: डॉ. शाहीन शाहिद (जिसको शाहीन सईद या शाहीन सईद के नाम से भी जाना जाता है) लखनऊ के कैसरबाग इलाके की रहने वाली हैं। उन्होंने लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में मेडिकल की डिग्री हासिल की। 2009 से 2013 तक कट्टरपंथी विचारों के संपर्क में रही, जिसके बाद वे कानपुर से अचानक गायब हो गई। फरीदाबाद में अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगने के बाद उसने ‘व्हाइट-कॉलर’ कवर के तहत काम शुरू किया।
- परिवारिक कनेक्शन: उसके पिता सैयद अहमद अंसारी लखनऊ में रहते है, जो उनकी गिरफ्तारी से स्तब्ध हैं। छोटा भाई परवेज अंसारी (मेडिकल स्टूडेंट) को भी कनेक्शन के शक में हिरासत में लिया गया है। पूर्व पति डॉ. जफर हयात (कानपुर में डॉक्टर) ने बताया कि शादी 2013 में टूट गई क्योंकि शाहीन यूरोप जाना चाहती थी, लेकिन जफर भारत छोड़ने को तैयार नहीं थे। जफर ने कहा, “शाहीन हमेशा धार्मिक सभाओं (इज्तेमा) में जाती रहती थी, लेकिन मुझे कभी शक नहीं हुआ।”
- आतंकी भूमिका: जांच एजेंसियों के अनुसार, शाहीन JeM चीफ मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के संपर्क में थी। उसकी जिम्मेदारी भारत में महिलाओं को रेडिकलाइज करना, सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क बनाना और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना था। उसके फोन से यूएई-पाकिस्तान लिंक्स, एन्क्रिप्टेड चैट्स और AK-47 राइफल की तस्करी के सबूत मिले। एक कार (मारुति ब्रेजा, रजिस्ट्रेशन HR87 U 9988) उसके नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसमें हथियार छिपाए गए थे।
धमाके से कनेक्शन: कैसे जुड़ीं साजिश में?
- मॉड्यूल का हिस्सा: शाहीन फरीदाबाद मॉड्यूल की मुख्य सदस्य थी, जहां डॉ. उमर उन नबी (पुलवामा से, धमाके में मारे गए), डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई (पुलवामा), डॉ. अदील (कुलगाम) और डॉ. निसार-उल-हसन जैसे साथी थे। ये सभी अल-फलाह कॉलेज में काम करते थे। दो साल से अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक जमा कर रहे थे, ताकि दिल्ली, लखनऊ, कानपुर समेत कई शहरों में हमले हो सकें।
- गिरफ्तारी का टाइमलाइन: शाहीन को 8 नवंबर को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया, ठीक धमाके से दो दिन पहले। उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उमर ने हड़बड़ी में 10 नवंबर को Hyundai i20 कार में 2,900 किलो विस्फोटक लादकर लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका कर दिया। इससे 13 मौतें हुईं (महिलाएं और बच्चे शामिल) और 30 से अधिक घायल।
- सबूतों का खजाना: शाहीन के फोन से वॉयस नोट्स, कोड वर्ड्स (‘मेडिसिन डिलीवरी’ = विस्फोटक) और JeM कमांडर उमर फारूक की पत्नी अफीरा बीबी से चैट्स बरामद। UP ATS ने लखनऊ के उनके कॉलेज में छापा मारा, जहां रिकॉर्ड्स जब्त किए। NIA ने कनेक्शन की पुष्टि की है।
जांच का विस्तार: कौन-कौन फरार, क्या अगला कदम?
- गिरफ्तारियां: कुल 9 लोग गिरफ्तार, जिनमें 4 डॉक्टर। कानपुर से डॉ. मोहम्मद अरिफ (कार्डियोलॉजी स्टूडेंट) को शाहीन के लिंक पर हिरासत में लिया। J&K से डॉ. फारूक (हापुड़ मेडिकल कॉलेज) को भी पूछताछ के लिए बुलाया।
- फरार सदस्य: 4 संदिग्ध अभी फरार, जिनमें JeM के कुछ हैंडलर्स शामिल। NIA पाकिस्तान लिंक्स ट्रैक कर रही है।
- सुरक्षा उपाय: लाल किला 15 नवंबर तक बंद। दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट। गृह मंत्री अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल के साथ बैठक की।
