पंजाब के अमृतसर में ठाकुरद्वारा मंदिर पर 14 मार्च 2025 की देर रात बाइक सवार दो लोगों ने ग्रेनेड से हमला किया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें दो युवक मोटरसाइकिल पर आते हैं, मंदिर के बाहर रुकते हैं, और एक वस्तु फेंककर भाग जाते हैं, जिसके बाद जोरदार धमाका होता है। इस हमले में मंदिर की दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुईं, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर जीपीएस भुल्लर ने कहा कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है, जो पंजाब में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस घटना में आईएसआई की संलिप्तता की आशंका जताई है।
यह हमला पंजाब में पिछले पांच महीनों में हुई 13वीं विस्फोटक घटना है, जिससे राज्य में एक बड़े खतरे की आशंका बढ़ गई है। इन हमलों में कहीं आरडीएक्स, कहीं ग्रेनेड, तो कहीं आईईडी का इस्तेमाल हुआ है। पहले ज्यादातर हमले पुलिस थानों और चौकियों पर हुए थे, लेकिन अब धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाना चिंता का विषय है। नीचे पंजाब में हाल के महीनों में हुए प्रमुख हमलों की सूची दी गई है:
- 24 नवंबर 2024: अजनाला थाने के बाहर आरडीएक्स लगाया गया, जो फटा नहीं। बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी हैप्पी पासियां ने जिम्मेदारी ली। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और हैंड ग्रेनेड बरामद किए।
- 27 नवंबर 2024: गुरबख्श नगर की बंद पुलिस चौकी पर ग्रेनेड विस्फोट।
- 2 दिसंबर 2024: एसबीएस नगर के काठगढ़ थाने में ग्रेनेड विस्फोट। पुलिस ने तीन आतंकियों को पकड़ा और हथियार बरामद किए।
- 4 दिसंबर 2024: मजीठा थाने में ग्रेनेड विस्फोट, लेकिन पुलिस ने इसे बाइक का टायर फटना बताया।
- 13 दिसंबर 2024: अलीवाल बटाला थाने में रात को ग्रेनेड विस्फोट। हैप्पी पासियां और उसके साथियों ने जिम्मेदारी ली।
- 17 दिसंबर 2024: इस्लामाबाद थाने में ग्रेनेड विस्फोट। पहले पुलिस ने इसे नकारा, लेकिन डीजीपी ने आतंकी घटना माना।
- 19 दिसंबर 2024: गुरदासपुर की बख्शीवाला चौकी पर जब्त ऑटो पर ग्रेनेड हमला।
- 21 दिसंबर 2024: गुरदासपुर के बंगा वडाला गांव की पुलिस चौकी पर रात में धमाका। बीकेआई ने जिम्मेदारी ली।
- 9 जनवरी 2025: गुमटाला चौकी पर धमाका। बीकेआई ने जिम्मेदारी ली, पुलिस ने शुरू में रेडिएटर फटना बताया।
- 16 जनवरी 2025: जैंतीपुर में शराब कारोबारी अमनदीप जैंतीपुरिया के घर पर ग्रेनेड हमला।
- 3 फरवरी 2025: फतेहगढ़ चूडियां रोड की बंद पुलिस चौकी पर हमला।
- 14 फरवरी 2025: डेरा बाबा नानक में पुलिसकर्मी के घर के बाहर धमाका।
- 14 मार्च 2025: ठाकुरद्वारा मंदिर, अमृतसर पर ग्रेनेड हमला।
क्या है खतरा?
इन हमलों का पैटर्न और बार-बार बीकेआई का नाम सामने आना यह संकेत देता है कि पंजाब में आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां आईएसआई और बीकेआई के बीच संबंधों की जांच कर रही हैं। पिछले पांच महीनों में 13 धमाकों से साफ है कि आतंकी अब न केवल पुलिस, बल्कि आम नागरिकों और धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रहे हैं। गुमटाला और जैंतीपुर जैसे हमलों में व्यक्तियों को टारगेट करना नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
पंजाब पुलिस ने कई मामलों में संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जैसे कौशांबी से बीकेआई आतंकी लाजर मसीह की गिरफ्तारी, जिसके पास ग्रेनेड और हथियार मिले। फिर भी, हमले रुक नहीं रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि आईएसआई समर्थित बीकेआई पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिसमें खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देना शामिल हो सकता है।
निष्कर्ष
पंजाब में लगातार हमले राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। ठाकुरद्वारा मंदिर पर हमला इस बात का सबूत है कि खतरा अब पुलिस से आगे बढ़कर आम लोगों तक पहुंच गया है। अगर इन घटनाओं पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह पंजाब के लिए एक बड़े संकट का रूप ले सकता है। पुलिस और सरकार को कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा ताकि इस खतरे को रोका जा सके।
