UDGAM पोर्टल, विशेष शिविर और ‘आपकी पूंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत 3-चरणीय प्रक्रिया शुरू
10 नवंबर 2025 – भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आम जनता को अपने पुराने और निष्क्रिय बैंक खातों में जमा forgotten पैसे वापस दिलाने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। आरबीआई की आधिकारिक जागरूकता मुहिम “आरबीआई कहता है…” के तहत जारी संदेश में बताया गया है कि यदि कोई बैंक खाता 2 साल से अधिक समय तक निष्क्रिय रहता है, तो उसमें जमा राशि को बैंक द्वारा आरबीआई के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ट्रांसफर कर दिया जाता है। 10 साल से अधिक असक्रिय खातों की राशि को unclaimed deposits माना जाता है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि आप या आपके कानूनी वारिस इसे कभी भी, ब्याज सहित क्लेम कर सकते हैं।
आरबीआई के अनुसार, देशभर में करोड़ों रुपये ऐसे निष्क्रिय खातों में फंसे हुए हैं, जिन्हें लोग भूल चुके हैं। उदाहरण के लिए, छोटी-छोटी राशियां जैसे 10 रुपये या 500 रुपये भी क्लेम की जा सकती हैं। यह मुहिम लोगों को सतर्क रहने और अपनी मेहनत की कमाई वापस लेने के लिए प्रेरित कर रही है।
इस मुहिम को सफल बनाने के लिए, RBI ने एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल (UDGAM) लॉन्च किया है, बैंकों को विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, और दावों के निपटान के लिए एक स्पष्ट 3-चरणीय प्रक्रिया निर्धारित की है।
पैसे वापस पाने के 3 आसान चरण:
1. UDGAM पोर्टल: दावा न की गई जमा राशि तक पहुँचने का प्रवेश द्वार
UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access inforMation) पोर्टल RBI द्वारा विकसित एक केंद्रीकृत ऑनलाइन मंच है।
- उद्देश्य: यह पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को एक ही स्थान पर कई बैंकों में निष्क्रिय जमा/खातों की खोज करने की सुविधा प्रदान करता है।
- कार्यप्रणाली: खाताधारक या कानूनी वारिस अपने नाम, मोबाइल नंबर, और पहचान प्रमाण (जैसे पैन, वोटर आईडी, आदि) का उपयोग करके यह पता लगा सकते हैं कि उनका कोई खाता निष्क्रिय तो नहीं है।
- वर्तमान कवरेज: मार्च 2024 तक, 30 प्रमुख बैंक UDGAM पोर्टल का हिस्सा बन चुके हैं, जो RBI के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (DEA) कोष में जमा लगभग 90% दावा न की गई राशि (मूल्य के संदर्भ में) को कवर करते हैं।
2. विशेष राष्ट्रव्यापी शिविर: “आपकी पूंजी, आपका अधिकार”
RBI, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के समन्वय से, एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान चला रहा है जिसका नाम है “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” (Your Money, Your Right)।
- अवधि: यह अभियान आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच चलाया जा रहा है (अद्यतन जानकारी के अनुसार)।
- गतिविधि: इस अभियान के तहत, देश भर के प्रत्येक जिले में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
- लाभ: इन शिविरों में नागरिकों को मौके पर ही उनके निष्क्रिय खातों का पता लगाने, दावों को दर्ज करने और आवश्यक केवाईसी (KYC) दस्तावेज़ों को जमा करने में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाती है।
3. दावा निपटान की 3-चरणीय प्रक्रिया (Three-Step Process)
UDGAM पोर्टल पर निष्क्रिय जमा का विवरण मिलने के बाद, जमाकर्ता या वारिस उस राशि को वापस प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित सरल चरणों का पालन कर सकते हैं:
| चरण | विवरण |
| चरण 1: खोज और पहचान | UDGAM पोर्टल पर अपने या परिवार के सदस्य के नाम पर निष्क्रिय खाता/जमा राशि खोजें। मिलान होने पर, पोर्टल आपको बैंक का नाम और अनक्लेम्ड डिपॉज़िट रेफरेंस नंबर (UDRN) प्रदान करेगा। |
| चरण 2: बैंक से संपर्क | संबंधित बैंक की किसी भी शाखा में जाएँ या बैंक की वेबसाइट पर दिए गए संपर्क विवरण का उपयोग करें। ध्यान दें कि दावा केवल संबंधित बैंक से ही किया जा सकता है। |
| चरण 3: दावा और सत्यापन | आवश्यक दावा प्रपत्र (Claim Form) भरें और केवाईसी दस्तावेज़ (पहचान और पते का प्रमाण) तथा खाते के स्वामित्व का प्रमाण (या कानूनी वारिस होने का प्रमाण) जमा करें। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जमा राशि (लागू ब्याज सहित) ग्राहक को वापस कर दी जाएगी। |
आरबीआई की सलाह: “जानकार बनिए, सतर्क रहिए!”
आरबीआई ने चेतावनी दी है कि फ्रॉडस्टर्स इस मुहिम का फायदा उठाकर फेक मैसेज, कॉल या QR कोड भेज सकते हैं। केवल आधिकारिक चैनल्स का इस्तेमाल करें:
- वेबसाइट: https://rbikehtahai.rbi.org.in
- ईमेल: rbikehtahai@rbi.org.in
- आधिकारिक WhatsApp: 99990 41935
- QR कोड स्कैन करके केवल RBI की साइट पर ही जानकारी लें।
यह अभियान जनहित में जारी है और RBI की वेबसाइट Home – Reserve Bank of India पर सभी डिटेल्स उपलब्ध हैं। आरबीआई के गवर्नर ने हाल ही में कहा कि DEA Fund में ट्रांसफर हुई राशि depositors की संपत्ति है, और इसे वापस दिलाना बैंकिंग सिस्टम की जिम्मेदारी है।
नोट: यदि आपके पास पुराना खाता है, तो तुरंत चेक करें। लाखों लोग अभी तक अनजान हैं, और यह राशि आपकी हो सकती है!
(स्रोत: आरबीआई की आधिकारिक प्रेस रिलीज और जागरूकता संदेश। यह समाचार RBI के दिशानिर्देशों पर आधारित है।)
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