Businesses MP

MPIDC ने विक्रम उद्योगपुरी के उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के दिए कड़े निर्देश!

MPIDC

MPIDC ने विक्रम उद्योगपुरी के उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के दिए कड़े निर्देश!

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) ने उज्जैन-इंदौर रोड पर स्थित विक्रम उद्योगपुरी में आवंटित भूखंडों पर इकाइयों को जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। यह कदम क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

मुख्य निर्देश और उद्देश्य

MPIDC के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ द्वारा हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठकों में यह निर्देश दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आवंटित भूमि पर निश्चित समय-सीमा के भीतर औद्योगिक गतिविधियों को प्रारंभ करवाना है ताकि क्षेत्र को औद्योगिक केंद्र के रूप में मजबूती मिल सके।

  • उत्पादन में तेजी: जिन उद्योगों को भूमि आवंटित की गई है, उन्हें निर्माण कार्य में तेजी लाकर निर्धारित अवधि में वाणिज्यिक उत्पादन (Commercial Production) शुरू करना होगा।

  • निवेश और रोजगार सृजन: शीघ्र उत्पादन शुरू होने से प्रस्तावित निवेश को ज़मीन पर उतारा जा सकेगा और क्षेत्र में रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे।

  • बुनियादी ढांचे का उपयोग: उद्योगों के सक्रिय होने से विक्रम उद्योगपुरी में विकसित किए गए उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे जैसे बिजली, पानी, सड़क और कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट का पूर्ण उपयोग हो पाएगा।

MPIDC विक्रम उद्योगपुरी की वर्तमान स्थिति

दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) परियोजना के तहत विकसित, विक्रम उद्योगपुरी मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक बन रहा है।

    • आवंटन: अब तक लगभग 67 से 68 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को 400 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिसमें ₹5,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है।

    • सक्रिय उद्योग: अमूल (पंचमहल), पेप्सीको इंडिया, सीपी पेंट्स, सुधाकर पाईप्स, कर्नाटक एंटीबायोटिक्स, और श्रीनिवास फार्मा जैसी प्रमुख कंपनियों ने यहाँ भूखंड प्राप्त किए हैं। इनमें से लगभग 12 से 20 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, और अन्य में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

    • विशेष पार्क: इस क्षेत्र में 350-360 एकड़ में देश का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क भी विकसित किया जा रहा है, जहाँ 50 से अधिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए गए हैं।

    • विस्तार योजना: बढ़ती मांग को देखते हुए, MPIDC द्वारा विक्रम उद्योगपुरी के चरण-2 के लिए 400 हेक्टेयर से अधिक निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में और अधिक निवेश को आकर्षित किया जा सके।

Shutterstock
Explore

MPIDC आगे की रणनीति

MPIDC उद्योगपतियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी संचालित कर रहा है, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। निगम का ध्यान अधोसंरचना विकास में गुणवत्ता बनाए रखने और सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी है। ये निर्देश उज्जैन संभाग को औद्योगिक विकास की दृष्टि से प्रदेश का अग्रणी शहर बनाने की मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हैं।

यह वीडियो उज्जैन में आयोजित क्षेत्रीय उद्योग कॉन्क्लेव को दर्शाता है, जहाँ औद्योगिक क्षेत्र और निवेश पर चर्चा की गई थी। औद्योगिक क्षेत्र में नया इतिहास रचने को तैयार madhya pradesh! उज्जैन से रीजनल industries conclave

 

Related posts

Noida नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूपी के 10 जिलों के लिए मिलेगी सीधी बस सेवा: YIAPL और UPSRTC में हुआ बड़ा समझौता

admin

भारत में पहला ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप: 2025 के अंत तक बड़ा मील का पत्थर

admin

Shocking : Canada Slams Door on 74% of Indian Student Visa Dreams in August 2025 Amid Ruthless Fraud War

admin

Leave a Comment

Exit mobile version