International

Kremlin ने अमेरिकी सुरक्षा रणनीति का स्वागत किया; ‘सीधा खतरा’ टैग हटने पर जताई खुशी

Kremlin

Kremlin ने अमेरिकी सुरक्षा रणनीति का स्वागत किया; ‘सीधा खतरा’ टैग हटने पर जताई खुशी

8 दिसंबर, 2025 – रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रशासन Kremlin(क्रेमलिन) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी की गई नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (NSS) का गर्मजोशी से स्वागत किया है। क्रेमलिन ने विशेष रूप से इस बात पर खुशी जताई है कि 29 पन्नों के इस नए दस्तावेज़ में अब रूस को “सीधा खतरा” (Direct Threat) के रूप में नामित नहीं किया गया है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिकी रणनीति में जो बदलाव किए गए हैं, वे “कई मायनों में रूस की अपनी दृष्टि के अनुरूप हैं।” शीत युद्ध के प्रतिद्वंद्वी अमेरिका के किसी दस्तावेज़ की रूस द्वारा इस तरह की खुलकर प्रशंसा करना एक दुर्लभ भू-राजनीतिक घटनाक्रम है।

‘लचीला यथार्थवाद’ और ‘अमेरिका फर्स्ट’

Kremlin
Kremlin

यह नई रणनीति ट्रंप के विदेश नीति के दृष्टिकोण को “लचीला यथार्थवाद” (Flexible Realism) के रूप में सामने रखती है। दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अमेरिकी नीति सबसे ऊपर “अमेरिका के लिए जो काम करता है” (What works for America) उसी से प्रेरित होगी। यह पिछली अमेरिकी नीतियों से एक बड़ा वैचारिक बदलाव है, जिसने रूस को एक “प्रमुख सुरक्षा खतरा” या “आक्रामक” करार दिया था।

नई रणनीति की मुख्य बातें:

  • ‘सीधा खतरा’ टैग हटाना: 2014 में क्रीमिया के विलय और 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से, अमेरिका की पिछली रणनीतियों में रूस को एक बड़ा खतरा माना गया था। इस टैग को हटाने से मॉस्को को बड़ी राहत मिली है।

  • रणनीतिक सहयोग का आह्वान: दस्तावेज़ में रणनीतिक स्थिरता के मुद्दों पर मॉस्को के साथ सीमित सहयोग बहाल करने की इच्छा व्यक्त की गई है। पेस्कोव ने इस कदम को “सकारात्मक” बताया।

  • यूक्रेन युद्ध का अंत: रणनीति में यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत को अमेरिका का एक “मूल हित” बताया गया है, जो संकट को जल्द सुलझाने की ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता को दर्शाता है।

  • यूरोप पर चेतावनी: दस्तावेज़ में यह भी चेतावनी दी गई है कि यूरोप को “सभ्यता के मिटने” (Civilizational Erasure) का खतरा है और यूरोपीय शक्तियों को पतन की ओर अग्रसर बताया गया है।

  • मोनरो सिद्धांत का पुनरुद्धार: अमेरिका ने 19वीं सदी के मोनरो सिद्धांत को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया है, जो पश्चिमी गोलार्ध पर वाशिंगटन के प्रभाव क्षेत्र का दावा करता है।

Kremlin : वैश्विक प्रभाव और सहयोगियों की चिंता

रूस के साथ सहयोग की ओर अमेरिका का यह झुकाव वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत देता है।

  • यूरोपीय चिंता: अमेरिकी सुरक्षा गारंटी पर निर्भर यूरोपीय सहयोगियों ने इस बदले हुए लहजे पर सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया दी है। उन्हें चिंता है कि ट्रंप का यह दृष्टिकोण रूस का मुकाबला करने के पश्चिमी प्रयासों को कमजोर कर सकता है।

  • चीन पर ध्यान: विशेषज्ञों का मानना ​​है कि रूस को ‘सीधा खतरा’ की सूची से हटाना, ट्रंप प्रशासन को अपनी रणनीतिक ऊर्जा चीन की बढ़ती चुनौती पर केंद्रित करने की अनुमति देता है, जिसे इस रणनीति में मुख्य दीर्घकालिक चुनौती बताया गया है।

क्रेमलिन ने घोषणा की है कि वह अब नई अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का विस्तृत विश्लेषण करेगा, जिसके बाद वह अपनी व्यापक प्रतिक्रिया जारी करेगा।

also read:-Global Travel: 18+ Countries Offer Visa-on-Arrival Ease for Indians

follow us:-Pentoday | Facebook

Related posts

India Makes Historic Yuan Payment for Russian Crude Oil: Challenging the Dollar’s Global Grip 2025

admin

2025 Nobel Prize in Physics Winners: John Clarke, Michel H. Devoret, and John M. Martinis Honored for Quantum Breakthroughs

admin

IRAN ईरान विरोध प्रदर्शन 2026

admin

Leave a Comment