Kiran Bedi ने PM मोदी से की भावुक अपील: दिल्ली प्रदूषण संकट ‘सर, प्लीज़!
Kiran Bedi : पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उप-राज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा स्तर पर पहुँच चुके वायु प्रदूषण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की भावुक अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री की प्रभावी नेतृत्व शैली का हवाला देते हुए तुरंत एक्शन लेने का आग्रह किया।

Kiran Bedi : पुडुचेरी के ‘इफेक्टिव ज़ूम सेशन’ का दिया हवाला
किरण बेदी ने अपनी अपील में विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी की उस कार्यशैली का जिक्र किया, जिसे उन्होंने पुडुचेरी के उप-राज्यपाल रहते हुए अनुभव किया था।
उन्होंने लिखा, “सर, प्लीज़! मुझे दोबारा यह अनुरोध करने के लिए माफ़ करें। मैंने पुडुचेरी में आपके बेहद प्रभावी ज़ूम सेशन देखे हैं। आपने कैसे हर चुनौती को समयबद्ध तरीके से हल करवाया, यह मैंने देखा है। हर कोई प्रेरित होकर समय सीमा और लक्ष्यों को पूरा करता था।”
बेदी ने आगे कहा कि प्रदूषण की मौजूदा स्थिति अब सिर्फ ‘डेटा’ नहीं, बल्कि एक ‘महामारी’ है, जिसके लिए कोविड जैसी तत्परता और समन्वय की ज़रूरत है।
मुख्यमंत्रियों के साथ मासिक वर्चुअल मीटिंग का सुझाव
बेदी ने प्रधानमंत्री मोदी से एक ठोस कदम उठाने का सुझाव दिया ताकि पड़ोसी राज्यों के बीच समन्वय की कमी को दूर किया जा सके, जिसे वह प्रदूषण का एक प्रमुख कारण मानती हैं।
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मासिक रिव्यू मीटिंग: उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों—हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश—के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ मासिक वर्चुअल मीटिंग (Zoom Session) करें।
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प्रगति की निगरानी: बेदी के अनुसार, इन बैठकों का एक निश्चित कार्यक्रम होना चाहिए, जहाँ प्रदूषण नियंत्रण की प्रगति पर रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सीधी निगरानी से जवाबदेही सुनिश्चित होगी और स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकेगा।
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जनता को भरोसा: उन्होंने लिखा, “इससे हमें उम्मीद मिलेगी, क्योंकि हम जान जाएंगे कि यह आपके नियंत्रण में है। लोग राहत की सांस ले सकते हैं।”
‘मन की बात’ में जनता से अपील की मांग
किरण बेदी ने प्रधानमंत्री मोदी से अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी प्रदूषण के मुद्दे को उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सीधे आह्वान से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के नागरिक प्रदूषण नियंत्रण में अपनी व्यक्तिगत भूमिका को समझेंगे, ठीक वैसे ही जैसे एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील पर हुआ था।
उन्होंने दिल्ली में ‘डबल इंजन सरकार’ की उम्मीद भी जताई, ताकि पिछले 10 वर्षों में हुए नुकसान की भरपाई शुरू हो सके।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बेदी की यह अपील ऐसे समय में आई है जब प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली, पंजाब और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है।
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