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कविता शर्मा: एक प्रेरणादायक जीवन की कहानी -अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025

कविता शर्मा: एक प्रेरणादायक जीवन की कहानी

पेनटुडे विशेष कवरेज – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025

पेनटुडे संवाददाता द्वारा
दिनांक: 8 मार्च 2025

ऐसे समय में जब समाज में महिलाओं की ताकत को धीरे-धीरे पहचान मिल रही है, कविता शर्मा एक ऐसी शख्सियत हैं जिनकी कहानी हर दिल को छूती है। पेनटुडे आपके लिए लाया है एक ऐसी महिला की कहानी जो खेल, शिक्षा और समाज सेवा में अपनी अलग पहचान बना रही है। कविता एक हॉकी स्टार, मैराथन धावक और समाज की सच्ची सेवक हैं।


खेल और शिक्षा का सुनहरा संगम
कविता शर्मा का नाम सुनते ही हॉकी के मैदान की तस्वीर सामने आती है। मध्य प्रदेश की महिला हॉकी टीम की राष्ट्रीय खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) की कप्तान रहते हुए उन्होंने अपनी टीम को ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में दूसरा स्थान दिलाया। ये पल उनके करियर का वो सुनहरा मोड़ था जिसने उनकी मेहनत और नेतृत्व को सबके सामने ला दिया।

खेल के साथ-साथ कविता ने पढ़ाई को भी कभी पीछे नहीं छोड़ा। बी.पी.एड. और एम.पी.एड. की डिग्री हासिल करने के बाद अब वो शारीरिक शिक्षा में पीएच.डी. कर रही हैं। पेनटुडे से बात करते हुए कविता ने कहा, “खेल और शिक्षा मेरे लिए दो पंख हैं, जो मुझे ऊंची उड़ान भरने की ताकत देते हैं।”


मैराथन में जोश, जिंदगी में जुनून
कविता का जुनून सिर्फ हॉकी तक सीमित नहीं। मैराथन दौड़ में भी वो एक चमकता नाम हैं। इंदौर, पचमढ़ी और लद्दाख जैसे कठिन मैराथनों में उन्होंने भाग ले जीत हासिल की। मुंबई टाटा मैराथन में 42 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा ले सफलता पूर्वक पूर्ण किया । उनकी ये मेहनत और लगन हर किसी के लिए प्रेरणा है।

पेनटुडे से बातचीत में कविता ने कहा, “हर दौड़ मेरे लिए एक नई चुनौती है। मैं इसे सिर्फ जीतने नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने के लिए दौड़ती हूं।” उनकी ये सोच उनकी जिंदगी के हर पहलू में झलकती है।


शौर्य नमन: शहीदों के लिए सम्मान, परिवारों के लिए सहारा
कविता की जिंदगी का एक और खूबसूरत पहलू है उनकी सामाजिक सेवा। अपने पति रमेश चंद्र शर्मा के साथ मिलकर उन्होंने “शौर्य नमन” नाम का संगठन शुरू किया। ये संगठन शहीद सैनिकों को सम्मान देता है और उनके परिवारों को सहारा देता है। पेनटुडे की टीम ने जब शौर्य नमन के काम को करीब से देखा, तो पता चला कि कविता कितने प्यार और लगन से इस मिशन को आगे बढ़ा रही हैं।

कविता कहती हैं, “हमारे सैनिक देश के लिए अपनी जान देते हैं। उनके परिवारों की मदद करना हमारा फर्ज है।” इस काम के जरिए वो न सिर्फ शहीदों को याद करती हैं, बल्कि समाज में एक नई सोच भी पैदा कर रही हैं।


महिलाओं के लिए कविता का संदेश
पेनटुडे के साथ खास बातचीत में कविता ने महिलाओं के लिए एक दिल छूने वाला संदेश दिया। “अगर आपके पास सपने हैं, तो उन्हें सच करने की हिम्मत रखें। चाहे खेल हो, पढ़ाई हो या समाज सेवा—हम हर जगह अपनी पहचान बना सकते हैं।” उनकी ये बातें हर उस महिला के लिए प्रेरणा हैं जो अपनी जिंदगी को नए रंग देना चाहती है।


पेनटुडे का नजरिया
कविता शर्मा की कहानी सिर्फ एक इंसान की जीत की कहानी नहीं, बल्कि हर उस महिला की आवाज है जो अपने सपनों को सच करना चाहती है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पेनटुडे उन्हें सलाम करता है। कविता की मेहनत, हिम्मत और प्यार भरा अंदाज हमें सिखाता है कि जिंदगी की हर चुनौती को मुस्कान के साथ पार किया जा सकता है।

कविता शर्मा—एक नाम जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
(पेनटुडे की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं।)

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