General Bipin Rawat प्रेक्षागृह का गोरखपुर में भव्य लोकार्पण
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: General Bipin Rawat देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), दिवंगत जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि (8 दिसंबर 2025) के अवसर पर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री परम पूज्य श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने गोरखपुर सैनिक स्कूल में जनरल बिपिन रावत प्रेक्षागृह का भव्य लोकार्पण और उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।
जनरल रावत के शौर्य और राष्ट्र सेवा को समर्पित यह प्रेक्षागृह 1,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला है। यह लोकार्पण समारोह जनरल बिपिन रावत फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि अर्पण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति
इस गरिमामयी अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
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लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा जी (महानिदेशक, असम राइफल्स)
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एयर चीफ मार्शल (से.नि.) श्री आरकेएस भदौरिया जी (अध्यक्ष, जनरल बिपिन रावत फाउंडेशन)
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जनरल बिपिन रावत की सुपुत्रियाँ, श्रीमती कृतिका रावत जी और तारिणी रावत जी।
मुख्यमंत्री जी का उद्बोधन: राष्ट्र के प्रति समर्पण का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनरल रावत को ‘राष्ट्र का महान योद्धा’ बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का नाम इस सैनिक स्कूल से जुड़ना गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री जी के संबोधन के मुख्य बिंदु:
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वीरों के प्रति सम्मान: उन्होंने कहा, “हम चैन की नींद इसलिए सोते हैं क्योंकि हमारे सैनिक सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हर भारतवासी के मन में होना चाहिए।”
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कर्तव्यों पर बल: मुख्यमंत्री ने नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल अधिकारों की मांग करने वाली मानसिकता से देश महान नहीं बन सकता।
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प्रेरणा दिवस: उन्होंने सैनिक स्कूल को हर साल 8 दिसंबर की तिथि को जनरल रावत और उनके साथ शहीद हुए अन्य सैनिकों की स्मृति में ‘प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाने का निर्देश दिया, ताकि कैडेट्स में देशभक्ति और राष्ट्रीय मूल्यों का संचार हो सके।
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महानता की परिभाषा: उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे लिए महाराणा प्रताप, शिवाजी, जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेता जैसे लोग महान हैं, न कि विदेशी आक्रांता।
General Bipin Rawat प्रेक्षागृह का महत्व
गोरखपुर सैनिक स्कूल में निर्मित यह प्रेक्षागृह न केवल छात्रों के शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास का केंद्र बनेगा, बल्कि यह देश के पहले सीडीएस की बहादुरी और अनुकरणीय नेतृत्व की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक स्थायी माध्यम भी बनेगा। यह निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार की सैनिक स्कूल परियोजना के तहत किया गया है।
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