दिल्ली ब्लास्ट केस: NIA ने 7वें आरोपी शोएब को किया गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली ब्लास्ट केस मामले में अपनी कार्रवाई तेज़ करते हुए सातवें आरोपी शोएब को गिरफ्तार किया है। शोएब पर मुख्य आतंकी डॉ. उमर उन नबी को आत्मघाती हमले को अंजाम देने से ठीक पहले पनाह देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने का गंभीर आरोप है।

दिल्ली ब्लास्ट केस :गिरफ्तारी और आरोपी की पहचान
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गिरफ्तार आरोपी: शोएब
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निवास स्थान: हरियाणा के फरीदाबाद जिले का धौज गांव।
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भूमिका: शोएब, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर वार्ड बॉय या इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम करता था। यहीं से वह मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी के संपर्क में आया था।
पनाह देने का आरोप
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NIA की जाँच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने आतंकी उमर उन नबी को विस्फोट से पहले छिपने का ठिकाना मुहैया कराया था।
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आरोप है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा डॉ. मुजम्मिल शकील गनई को पकड़े जाने के बाद जब उमर उन नबी भूमिगत हो गया था, तब शोएब ने ही उसे नूंह जिले की हिदायत कॉलोनी में अपनी साली के घर में किराए पर कमरा दिलाया था।
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आतंकी उमर उन नबी दिल्ली में धमाका करने से पहले 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक लगभग 10 दिनों के लिए इसी ठिकाने पर रहा था और यहीं से वह 10 नवंबर को दिल्ली के लिए रवाना हुआ था।
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शोएब ने उमर को साजो-सामान लाने-ले जाने और अन्य लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भी मदद की थी, जो हमले की साजिश को अंजाम देने के लिए महत्वपूर्ण था।
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपी
शोएब इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां आरोपी है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में डॉक्टर, छात्र और प्रोफेसर शामिल हैं, जिन्हें ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ के रूप में देखा जा रहा है:
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डॉ. मुजम्मिल शकील गनई
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डॉ. अदील अहमद राथर
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डॉ. शाहीन सईद
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मुफ्ती इरफान अहमद वागय
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आमिर राशिद अली (जिसके नाम पर विस्फोट में इस्तेमाल हुई कार रजिस्टर्ड थी)
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जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश
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शोएब
दिल्ली ब्लास्ट केस :आगे की जांच
एनआईए अब शोएब से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नूंह में रहने के दौरान आतंकी उमर नबी किन लोगों से मिला, उसने कहाँ से क्या सामान जुटाया और हमले की पूरी प्लानिंग क्या थी। एनआईए को उम्मीद है कि शोएब से मिली जानकारी से इस घातक आतंकी हमले के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।
