पहलगाम आतंकी हमले में शहीद शुभम द्विवेदी को सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि
कानपुर, 24 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कानपुर में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी के पैतृक आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए इस भयावह आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसमें कानपुर के 31 वर्षीय व्यवसायी शुभम द्विवेदी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने शुभम के अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
आतंकी हमले की भयावहता
पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए इस हमले को 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर में सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। शुभम द्विवेदी अपनी पत्नी ऐशन्या और परिवार के 11 अन्य सदस्यों के साथ 17 अप्रैल को कश्मीर घूमने गए थे। 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें शुभम की गोली लगने से मृत्यु हो गई। शुभम की पत्नी ने बताया कि आतंकियों ने पहले उनका नाम पूछा और फिर सिर में गोली मार दी। इस हमले में दो विदेशी पर्यटकों सहित कुल 26 लोगों की जान गई।
सीएम योगी का कड़ा रुख
शुभम के आवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हमले को “कायराना और अमानवीय” करार देते हुए आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह हमला दर्शाता है कि आतंकवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। हमारी डबल इंजन सरकार आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई करेगी।” योगी ने यह भी आश्वासन दिया कि आतंकियों और उनके समर्थकों को उनके कृत्यों की सजा जरूर मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने शुभम के पिता संजय द्विवेदी और पत्नी ऐशन्या से बातचीत की और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव सहायता का वादा किया। उन्होंने कहा, “शुभम इस परिवार का इकलौता बेटा था, और उनकी शादी को मात्र दो महीने ही हुए थे। इस दुख की घड़ी में पूरा देश और उत्तर प्रदेश सरकार उनके परिवार के साथ है।”
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शुभम का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शुभम के शव को सड़क मार्ग से कानपुर लाया गया। गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी के साथ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, सांसद रमेश अवस्थी, और अन्य स्थानीय विधायकों ने शुभम के अंतिम दर्शन किए। शुभम का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कानपुर में किया गया।

परिवार का दर्द और समाज का आक्रोश
शुभम की पत्नी ऐशन्या ने बताया कि आतंकियों ने शुभम को गोली मारने के बाद उनसे कहा, “अपनी सरकार को बता देना कि हमने तुम्हारे पति के साथ क्या किया।” शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की और कहा, “ऐसी सजा दी जाए कि अगली सात पीढ़ियां आतंक का नाम लेने से डरें।”
कानपुर में स्थानीय व्यापारी संगठनों ने हमले के विरोध में गुरुवार दोपहर 2 बजे तक दुकानें और व्यवसाय बंद रखने का ऐलान किया। शहर में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की गई।
केंद्र और राज्य सरकार का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा जवाब देगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा।”
शुभम की यादें
शुभम द्विवेदी का परिवार कानपुर के चकेरी इलाके में रहता है। 12 फरवरी 2025 को उनकी शादी ऐशन्या से हुई थी, और यह उनकी शादी के बाद दूसरी यात्रा थी। शुभम एक सीमेंट व्यवसायी थे और अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनकी मृत्यु ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे कानपुर शहर को गहरे सदमे में डाल दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें।”
