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बीजापुर में नक्सलियों का कायराना हमला: IED विस्फोट में DRG जवान शहीद, तीन घायल

बीजापुर, छत्तीसगढ़, 18 अगस्त 2025


छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सोमवार सुबह एक दुखद और कायराना घटना सामने आई। नक्सलियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के विस्फोट में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के एक जवान शहीद हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल हो गए। यह घटना जिले के भोपालपट्नम थाना क्षेत्र के उल्लूर घाटी में नेशनल पार्क इलाके के चिल्ला मरका गांव के पास हुई, जब DRG की टीम माओवादियों के खिलाफ सर्चिंग ऑपरेशन पर थी।

क्या हुआ था?

जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त 2025 को DRG की एक टीम माओवादियों के खिलाफ अभियान के लिए बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र में रवाना हुई थी। यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है, जहां माओवादी अक्सर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए IED और अन्य घातक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। 18 अगस्त की सुबह, जब जवान उल्लूर जंगल में सर्चिंग कर रहे थे, तभी एक जवान का पैर प्रेशर IED पर पड़ गया। जोरदार धमाके के साथ विस्फोट हुआ, जिसमें DRG जवान दिनेश नाग गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही शहीद हो गए। इस विस्फोट में तीन अन्य जवान भी घायल हुए, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया।

घायल जवानों की स्थिति

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घायल जवानों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपालपट्नम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें जगदलपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को जल्द से जल्द उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

शहीद जवान दिनेश नाग

शहीद जवान दिनेश नाग DRG की एक विशेष यूनिट का हिस्सा थे, जो नक्सलियों के खिलाफ अभियानों में अपनी बहादुरी और समर्पण के लिए जानी जाती है। उनकी शहादत ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के सामने आने वाली चुनौतियों और खतरों को उजागर किया है। दिनेश नाग के परिवार और सहकर्मियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं, और उनके बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।

पुलिस और सुरक्षाबलों का जवाब

घटना के बाद बीजापुर पुलिस और सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्चिंग अभियान को और तेज कर दिया है। अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया है ताकि नक्सलियों की किसी भी संभावित हरकत का तुरंत जवाब दिया जा सके। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “हमारे जवान नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। इस कायराना हमले के बाद हमारी टीमें और सतर्क हो गई हैं। अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।”

नक्सलियों की रणनीति और चुनौतियां

बीजापुर, बस्तर संभाग का एक प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला है, जहां माओवादी अक्सर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए प्रेशर IED, कमांड स्विच IED और अन्य विस्फोटक उपकरणों का उपयोग करते हैं। ये उपकरण जंगलों और रास्तों पर छिपाकर रखे जाते हैं, जो जवानों के लिए बड़ा खतरा बनते हैं। हाल के महीनों में, सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन किए हैं, जिनमें आत्मसमर्पण और मुठभेड़ों में माओवादियों को नुकसान पहुंचाया गया है। उदाहरण के तौर पर, 7 अगस्त 2025 को बीजापुर में 24 लाख रुपये के इनामी सहित 9 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था, और एक मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया था।

पहले भी हो चुके हैं हमले

यह पहली बार नहीं है जब बीजापुर में सुरक्षाबलों पर इस तरह का हमला हुआ है। इससे पहले जनवरी 2025 में, बेदरे-कुटरू रोड पर एक बड़े IED विस्फोट में DRG के 8 जवान और एक नागरिक ड्राइवर शहीद हो गए थे। उस हमले में नक्सलियों ने जवानों के वाहन को निशाना बनाया था, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। इस तरह की घटनाएं नक्सलियों की कायराना रणनीति को दर्शाती हैं, जो सुरक्षाबलों को कमजोर करने के लिए बार-बार ऐसी हरकतों को अंजाम देते हैं।

सुरक्षाबलों की प्रतिबद्धता

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबल लगातार सक्रिय हैं। DRG, CRPF, और अन्य बलों की टीमें नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। बीजापुर के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं उनके हौसले को कम नहीं करेंगी, बल्कि वे और मजबूती के साथ नक्सलियों का मुकाबला करेंगे।

बीजापुर में हुआ यह IED विस्फोट एक बार फिर नक्सल समस्या की गंभीरता को सामने लाता है। शहीद जवान दिनेश नाग का बलिदान और घायल जवानों की बहादुरी देश के लिए प्रेरणा है। सुरक्षाबल इस चुनौती का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और सुरक्षा बहाल होगी। इस बीच, घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, और शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

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