बिहार चुनाव 2025
25 अक्टूबर 2025 – बिहार चुनाव ,बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है, जबकि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज खगड़िया, मुंगेर और नालंदा में लगातार तीन रैलियां संबोधित करेंगे। ये विकास बिहार की राजनीति में नई ऊहा-पूर्णता ला रहे हैं, जहां 6 नवंबर से पहले मतदाता निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार हैं।

तेजस्वी यादव का बड़ा दावा: महागठबंधन जीता तो नीतीश कुमार नहीं बनेंगे CM
बिहार चुनाव ,राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विपक्ष के चेहरा तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर महागठबंधन सत्ता में आया, तो बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कभी मुख्यमंत्री पद नहीं सौंपा जाएगा। उन्होंने अमित शाह के हालिया बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने नीतीश कुमार को ‘अपहरण’ कर लिया है और एनडीए की जीत के बाद उन्हें सत्ता से दूर रखने की साजिश रची जा रही है।

तेजस्वी ने कहा, “अमित शाह ने साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री चुना जाएगा। इसका मतलब साफ है – नीतीश कुमार को फिर से CM नहीं बनाया जाएगा। चाचा जी का दिल साफ है, लेकिन भाजपा वाले उन्हें अन्याय कर रहे हैं।” उन्होंने एनडीए के 20 वर्षों के शासन पर तंज कसते हुए जोर देकर कहा कि बावजूद इतने लंबे समय के, बिहार के किसान आज भी गरीबी के दंश झेल रहे हैं। “बिहार अभी भी गरीब राज्य है। एनडीए ने विकास के नाम पर सिर्फ लूट मचाई है। हमारी सरकार बनेगी तो किसानों को राहत मिलेगी, एलपीजी सिलेंडर की कीमतें घटेंगी और निवेश आकर्षित होगा।”
बिहार चुनाव , महागठबंधन ने हाल ही में तेजस्वी को अपना आधिकारिक सीएम फेस घोषित किया है, जबकि मुकेश साहनी को डिप्टी सीएम के रूप में नामित किया गया। तेजस्वी ने एनडीए से भी सवाल किया कि उनका सीएम चेहरा कौन है? उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा, “मोदी जी गुजरात में फैक्टरियां लगाते हैं, लेकिन बिहार में सिर्फ वादे करते हैं। हम बिहारी हैं, बहारियों से नहीं डरते।”
यह बयान बिहार चुनाव 2025 के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि नीतीश कुमार की जेडीयू और भाजपा के बीच गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी का यह आक्रामक रुख युवा और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को लुभा सकता है।
तेज प्रताप यादव का RJD पर तीखा हमला: ‘सत्ता की भूखे नहीं, मौत चुनूंगा लेकिन वापस नहीं लौटूंगा’

बिहार चुनाव – दूसरी तरफ, लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी आरजेडी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे सत्ता के भूखे नहीं हैं और पार्टी के अंदरूनी सदस्य उन्हें हाशिए पर धकेल रहे हैं। मई 2025 में एक वायरल वीडियो के बाद लालू प्रसाद द्वारा पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित होने के बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) नामक नई पार्टी बना ली है। वे महुआ विधानसभा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
शुक्रवार को एक साक्षात्कार में तेज प्रताप ने कहा, “मैं सत्ता की भूखा नहीं हूं। सिद्धांत और स्वाभिमान मेरे लिए सर्वोपरि हैं। पार्टी के अंदरूनी लोग मुझे हाशिए पर धकेल रहे हैं, लेकिन मैं RJD में वापसी से इनकार करता हूं। मौत चुनूंगा, लेकिन वापस नहीं आऊंगा।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा, “राजनीति में घोषणाएं तो होती रहती हैं, लेकिन सत्ता का असली आनंद जनता के आशीर्वाद से ही मिलता है।”
तेज प्रताप ने माता-पिता लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा, “मेरी दुनिया सिर्फ मां-पापा हैं। उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।” हालांकि, उन्होंने परिवार से दूरी का दर्द भी छिपाया नहीं। आरजेडी ने उनके इस बयान पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यादव परिवार का यह फूट महागठबंधन की एकजुटता को प्रभावित कर सकता है।
तेज प्रताप का यह बयान बिहार चुनाव 2025 से ठीक पहले आया है, जब वे महुआ सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी नई पार्टी ने पांच छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन किया है, जो वंचित वर्गों को लक्षित कर रही है।
अमित शाह की व्यस्त दिनचर्या: खगड़िया, मुंगेर और नालंदा में रैलियां

एनडीए की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार को तेज करने वाले हैं। आज शनिवार को वे बिहार के तीन महत्वपूर्ण जिलों – खगड़िया, मुंगेर और नालंदा (बिहार शरीफ) में रैलियां करेंगे। सुबह 11 बजे खगड़िया में सभा को संबोधित करने के बाद दोपहर 12 बजे मुंगेर पहुंचेंगे, और शाम 3 बजे नालंदा में जनसभा करेंगे।
ये रैलियां एनडीए की ‘फिर एक बार NDA सरकार’ अभियान का हिस्सा हैं। पीएम मोदी ने शुक्रवार को समस्तीपुर और बेगूसराय में रैलियां की थीं, जहां उन्होंने नीतीश कुमार को एनडीए का सीएम फेस घोषित किया। अमित शाह के दौरे से एनडीए को अपर कास्ट और ईबीसी वोटों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिहार चुनाव 2025 का परिदृश्य: किसकी जीत होगी?

बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 20 नवंबर को होंगे, जबकि नतीजे 25 नवंबर को आएंगे। 243 सीटों वाली इस सभा में एनडीए (भाजपा-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कांटे की टक्कर है। तेजस्वी के बयान और तेज प्रताप का विद्रोह विपक्ष के लिए चुनौती बन सकता है, जबकि शाह की रैलियां एनडीए को गति दे रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और विकास के मुद्दे इस चुनाव के प्रमुख एजेंडे हैं। क्या बिहार में फिर से ‘जंगल राज’ की बहस होगी या नया अध्याय लिखा जाएगा? मतदाता ही फैसला करेंगे।
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