सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल
15 अक्टूबर 2025: त्योहारों के मौसम में चमक बिखेरने वाले सोने-चांदी के दामों ने निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया है। धनतेरस और दिवाली की तैयारियों के बीच घरेलू मांग बढ़ने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने कीमती धातुओं के भावों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आज 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम के लिए औसतन 1,28,360 रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले कुछ दिनों में 2-3 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। इसी तरह चांदी के दाम भी प्रति किलोग्राम 1,60,000 रुपये के आसपास टिके हुए हैं।
यह उछाल न केवल भारतीय बाजारों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखा जा रहा है, जहां सोने की कीमत 3,900 डॉलर प्रति औंस को पार कर चुकी है। आइए जानते हैं कि सोने का भाव आज क्यों बढ़ा, वर्तमान रेट क्या हैं और भविष्य में क्या हो सकता है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

आज के सोने-चांदी के रेट: शहरवार अपडेट
भारतीय बुलियन मार्केट में सोने-चांदी के दाम शहरों के अनुसार थोड़े भिन्न होते हैं, लेकिन औसतन निम्नलिखित हैं। ध्यान दें, ये रेट 15 अक्टूबर 2025 को शाम 7 बजे तक के हैं और स्थानीय ज्वैलर्स से बदल सकते हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलोग्राम) |
|---|---|---|---|
| मुंबई | ₹1,28,890 | ₹1,18,150 | ₹1,59,680 |
| दिल्ली | ₹1,28,360 | ₹1,17,660 | ₹1,59,410 |
| चेन्नई | ₹1,28,500 | ₹1,17,800 | ₹1,60,140 |
| कोलकाता | ₹1,28,200 | ₹1,17,500 | ₹1,59,900 |
| बैंगलोर | ₹1,25,590 | ₹1,15,000 | ₹1,59,500 |
नोट: ये दरें इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) और प्रमुख वित्तीय पोर्टलों पर आधारित हैं। खरीदारी से पहले स्थानीय रेट चेक करें।
सोने के भाव क्यों बढ़े? मुख्य कारण
सोने का भाव आज बढ़ने के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें घरेलू त्योहारी मांग प्रमुख है। धनतेरस (29 अक्टूबर 2025) और दिवाली के करीब आते ही लोग शुभ माने जाने वाले सोने की खरीदारी तेज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल त्योहारी सीजन में सोने की मांग 15-20 प्रतिशत बढ़ सकती है, जो भावों को और ऊपर धकेल रही है।
दूसरी ओर, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं भी बड़ा रोल निभा रही हैं:
- अमेरिकी महंगाई और फेड रेट कट: यूएस फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से निवेशक सुरक्षित संपत्ति जैसे सोने की ओर रुख कर रहे हैं। हालिया जॉब्स रिपोर्ट में नौकरियों में कमी और महंगाई में वृद्धि ने चिंताएं बढ़ाई हैं।
- भू-राजनीतिक तनाव: यूक्रेन-रूस युद्ध, मध्य पूर्व की अस्थिरता और फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। इससे निवेशक सोने को हेज के रूप में देख रहे हैं।
- केंद्रीय बैंक खरीदारी: वैश्विक केंद्रीय बैंक सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं, जो आपूर्ति पर दबाव डाल रही है।
- मुद्रा उतार-चढ़ाव: डॉलर की कमजोरी और भारतीय रुपए की स्थिरता ने आयातित सोने को महंगा बना दिया है।
वित्तीय विश्लेषक राजेश पाल ने कहा, “त्योहारी मांग के साथ वैश्विक अनिश्चितताएं मिलकर सोने को रिकॉर्ड ऊंचाई पर ले जा रही हैं। लेकिन अगले हफ्ते यूएस महंगाई डेटा पर नजर रखें, जो भावों को प्रभावित कर सकता है।”
चांदी के दामों पर भी असर: औद्योगिक मांग बढ़ी

सोने के साथ चांदी के भाव भी 1-2 प्रतिशत ऊपर चढ़े हैं। प्रति किलोग्राम चांदी का भाव 1,59,000 से 1,60,000 रुपये के बीच है। चांदी न केवल ज्वेलरी में इस्तेमाल होती है, बल्कि सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में भी डिमांड बढ़ रही है। त्योहारी सीजन में चांदी के बर्तन और सिक्कों की खरीदारी भी तेज हो जाती है, जो भावों को सपोर्ट दे रही है।
भविष्य का आउटलुक: क्या भाव और बढ़ेंगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि धनतेरस तक सोने का भाव 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम को छू सकता है, लेकिन उसके बाद उतार-चढ़ाव संभव है। अगर यूएस फेड रेट कट की पुष्टि हुई, तो वैश्विक स्तर पर सोना और महंगा हो सकता है। हालांकि, मजबूत डॉलर या शांति प्रयास भावों को नीचे ला सकते हैं।
निवेश सलाह: अगर आप लंबी अवधि के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो अभी का समय अच्छा हो सकता है। लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें। हमेशा हॉलमार्क्ड ज्वेलरी चुनें और जीएसटी समेत कुल लागत देखें।
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