China (चीन) की कड़ी प्रतिक्रिया: “मादुरो को तुरंत रिहा करे अमेरिका”
China :- 3 जनवरी 2026 की रात को अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में खलबली मच गई है। चीन ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार (4 जनवरी 2026) को बीजिंग में एक आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका से निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को “तुरंत” (at once) रिहा करने की मांग की है।3 चीन ने इस पूरे घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों का उल्लंघन बताया है।
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गहरी चिंता और निंदा: चीन ने कहा कि अमेरिका द्वारा एक संप्रभु राष्ट्र के राष्ट्रपति को जबरन हिरासत में लेना और उन्हें देश से बाहर ले जाना “वर्चस्ववादी कृत्य” (Hegemonic Act) है।
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सुरक्षा की गारंटी: चीन ने मांग की है कि अमेरिका मादुरो और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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बातचीत का रास्ता: चीन के अनुसार, वेनेजुएला के संकट को बल प्रयोग के बजाय संवाद और बातचीत (Dialogue and Negotiation) के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला? (Operation Absolute Resolve)


अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 की सुबह ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ (या एब्सोल्यूट जस्टिस) के तहत काराकास (वेनेजुएला) में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया:
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गिरफ्तारी: करीब 150 अमेरिकी जेट और स्पेशल फोर्सेस (डेल्टा फोर्स) ने मादुरो के सैन्य ठिकाने पर धावा बोला। मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिकी युद्धपोत USS Iwo Jima पर ले जाया गया।
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आरोप: अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो पर नार्को-टेररिज्म (नशीले पदार्थों का आतंकवाद), कोकीन की तस्करी और हथियारों के अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
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वर्तमान स्थिति: मादुरो को न्यूयॉर्क की एक फेडरल जेल में रखा गया है। 5 जनवरी को उन्होंने अदालत में खुद को निर्दोष बताया।
वैश्विक प्रतिक्रिया और वेनेजुएला का भविष्य :- China
चीन के अलावा रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने भी इस अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला का प्रबंधन (Run) करेगा जब तक कि वहां सत्ता का उचित हस्तांतरण नहीं हो जाता।
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वेनेजुएला में नई सरकार: मादुरो की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को 5 जनवरी को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई है। हालांकि, उन्होंने भी अमेरिका के इस कदम को “किडनैपिंग” करार दिया है।
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तेल बाजार पर असर: वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है। इस अस्थिरता के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है।
अगला घटनाक्रम क्या हो सकता है?
चीन अब इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में उठा सकता है।
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