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IRAN ईरान विरोध प्रदर्शन 2026

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IRAN ईरान विरोध प्रदर्शन 2026

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IRAN ईरान में आर्थिक तंगी और महंगाई को लेकर पिछले 12 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब एक बेहद हिंसक और निर्णायक मोड़ पर पहुँच गए हैं। 8 जनवरी 2026 की रात को ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के आह्वान के बाद पूरे देश में जनसैलाब उमड़ पड़ा है।

IRAN सरकारी मीडिया का दावा: ‘आतंकी एजेंटों’ का हाथ

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने लंबे समय की चुप्पी के बाद आखिरकार इन प्रदर्शनों पर अपनी पहली आधिकारिक रिपोर्ट दी है। सुबह 8 बजे के बुलेटिन में दावा किया गया कि:

  • प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजराइल के ‘आतंकी एजेंट’ हैं।

  • इन एजेंटों ने मेट्रो स्टेशनों, दमकल की गाड़ियों, बसों, निजी कारों और मोटरसाइकिलों में आगजनी की है।

  • रिपोर्ट में हताहतों (Casualties) की बात तो मानी गई है, लेकिन उनकी संख्या या विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

पूरे देश में इंटरनेट और संचार ठप

गुरुवार रात से ही पूरे ईरान में ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति है। नेटब्लॉक्स (NetBlocks) जैसी संस्थाओं ने पुष्टि की है कि ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। सरकार ने यह कदम प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय को रोकने और वीडियो बाहर जाने से बचाने के लिए उठाया है।

रजा पहलवी का बढ़ता प्रभाव (राजनीतिक भविष्य)

रजा पहलवी, जो ईरान के अंतिम शाह के बेटे हैं, वर्तमान में अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। 2026 के इन प्रदर्शनों ने उन्हें फिर से केंद्र में ला खड़ा किया है:

  • जनता का समर्थन: इस बार के प्रदर्शनों में “ईरान के शाह वापस आओ” जैसे नारे पहली बार इतने बड़े स्तर पर सुने गए हैं। लोग 1979 की क्रांति के पहले के ईरान की आर्थिक स्थिरता को याद कर रहे हैं।

  • एकजुट चेहरा: रजा पहलवी खुद को एक राजा के बजाय एक ऐसे माध्यम के रूप में पेश कर रहे हैं जो ईरान में “धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र” (Secular Democracy) ला सके। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरानी विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं।

  • चुनौती: ईरान की वर्तमान सरकार उन्हें एक “विदेशी कठपुतली” बताती है। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि क्या वह बिना किसी विदेशी सेना की मदद के केवल जनशक्ति से सत्ता परिवर्तन कर पाएंगे।

IRAN की चरमराती अर्थव्यवस्था (आर्थिक कारण)

प्रदर्शनों की असली आग आर्थिक बदहाली से लगी है। वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • मुद्रा की गिरावट: ईरानी रियाल (Rial) दुनिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में से एक हो चुकी है। लोग अपनी जमा पूंजी को बचाने के लिए सोने और डॉलर की तरफ भाग रहे हैं।

  • महंगाई दर: खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में 400% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। मध्यवर्ग अब गरीबी रेखा के नीचे जा चुका है।

  • प्रतिबंधों की मार: अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के कारण ईरान अपना तेल नहीं बेच पा रहा है, जिससे सरकारी खजाना खाली हो गया है।

मौत का आंकड़ा और गिरफ्तारियाँ

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, स्थिति लगातार खराब हो रही है:

  • मौत: अब तक कम से कम 45 लोग मारे जा चुके हैं।

  • गिरफ्तारी: 2,260 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

  • आर्थिक कारण: प्रदर्शनों की मुख्य वजह ईरान की गिरती मुद्रा (Rial) है। वर्तमान में एक भारतीय रुपया लगभग 11,057 ईरानी रियाल के बराबर पहुँच गया है।

भविष्य की संभावनाएं: क्या होगा आगे?

परिदृश्य (Scenario) संभावित परिणाम
सैन्य कार्रवाई यदि सुरक्षा बल (IRGC) और अधिक बल प्रयोग करते हैं, तो ईरान में गृहयुद्ध (Civil War) जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
सत्ता परिवर्तन यदि सेना का एक हिस्सा प्रदर्शनकारियों के साथ मिल जाता है, तो रजा पहलवी की अगुवाई में एक अंतरिम सरकार बन सकती है।
इंटरनेट शटडाउन लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिससे अर्थव्यवस्था और भी ज्यादा नीचे गिर जाएगी।

ताजा स्थिति (Update)

अभी तेहरान के आजादी चौक और इमाम खुमैनी एयरपोर्ट के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों से बात करेगी या दमन का रास्ता चुनेगी।

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