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संसद का शीतकालीन सत्र 2025: आर्थिक सुधारों पर सरकार का जोर, SIR और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विपक्ष का हंगामा

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संसद का शीतकालीन सत्र 2025: आर्थिक सुधारों पर सरकार का जोर, SIR और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विपक्ष का हंगामा

नई दिल्ली, 1 दिसंबर 2025 — आज से संसद का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है, जो 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। यह सत्र कुल 15 बैठकों के लिए निर्धारित किया गया है। एक ओर जहां सरकार ने इस सत्र को बड़े आर्थिक सुधारों के लिए इस्तेमाल करने का एजेंडा तैयार किया है, वहीं विपक्ष ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), दिल्ली में हुए बम धमाके और प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है, जिससे सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।

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संसद  :मुख्य विधायी एजेंडा 13 महत्वपूर्ण विधेयक

सरकार ने इस सत्र के लिए 13 से अधिक महत्वपूर्ण विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें से कई बड़े आर्थिक और ढांचागत सुधारों से संबंधित हैं।

विधेयक का नाम उद्देश्य और मुख्य बिंदु
बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव। इसका उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में सुधारों को गति देना है।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 तम्बाकू उत्पादों पर लगने वाले GST क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) को हटाकर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाने का प्रावधान।
स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 पान मसाला और कुछ अन्य निर्दिष्ट वस्तुओं के विनिर्माण पर नया उपकर (Cess) लगाने का प्रस्ताव, जिसका राजस्व राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च किया जाएगा।
परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025 असैनिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोलने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025 पूंजी बाजार को नियंत्रित करने वाले तीन अलग-अलग कानूनों को मिलाकर एक एकल एकीकृत कोड (Unified Code) बनाना, ताकि अनुपालन को सुव्यवस्थित किया जा सके।
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 छोटे-मोटे अपराधों को गैर-आपराधिक (Decriminalize) बनाकर कारोबार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना।
भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025 उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए एक आयोग की स्थापना करना।

वित्तीय मोर्चे पर, सरकार वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों का पहला बैच भी पेश करेगी।


 विपक्ष का रुख: SIR और अन्य ज्वलंत मुद्दे

सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में, विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से विस्तृत चर्चा की मांग करेगा, और यदि उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो दोनों सदनों में हंगामे के पूरे आसार हैं:

  • वोटर लिस्ट का SIR: विपक्षी दल, खासकर INDIA गठबंधन, देश के 12 राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जता रहे हैं और इस पर तत्काल बहस की मांग कर रहे हैं।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा और दिल्ली धमाका: हाल ही में लाल किले के पास हुए विस्फोट और सीमा पार से जुड़े सुरक्षा खतरों पर चर्चा।

  • दिल्ली-NCR का प्रदूषण: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर जवाबदेही की मांग।

  • अन्य मुद्दे: विदेश नीति, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, और राज्यों को केंद्र से लंबित बकाया राशि जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

सरकार की अपील

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से सदन के सुचारु संचालन में सहयोग करने की अपील की है। हालांकि, विपक्ष के कड़े रुख को देखते हुए यह सत्र सुधारों को आगे बढ़ाने और राजनीतिक टकराव के बीच संतुलन साधने की एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।


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