भारत की बेटी ने बहरीन की माटी पर रचा इतिहास
MMA बहरीन के मनामा में आयोजित एशियन यूथ गेम्स 2025 में भारत की उभरती हुई MMA सनसनी श्रिया मिलिंद सतम ने एक ऐतिहासिक प्रदर्शन कर दिया। 50 किलोग्राम वर्ग में महिला ट्रेडिशनल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइनल में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह न केवल श्रिया का व्यक्तिगत विजय का क्षण है, बल्कि भारत के लिए MMA में पहली महिला अंतरराष्ट्रीय पदक भी है। फाइनल में कजाकिस्तान की अमेलिना बाकियेवा से हार के बावजूद, श्रिया की यह उपलब्धि भारतीय खेल जगत में एक नई उम्मीद बन चुकी है।
एशियन यूथ गेम्स 2025, जो 22 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक बहरीन में चल रहे हैं, एशियाई युवा एथलीट्स के लिए एक प्रमुख मंच है। इस बहु-खेल आयोजन में MMA को पहली बार शामिल किया गया है, और भारत ने यहां अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। श्रिया की जीत के साथ भारत का कुल पदक तालिका में योगदान बढ़कर 17 हो गया है – जिसमें 2 गोल्ड, 6 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
श्रिया सतम

महाराष्ट्र की रहने वाली श्रिया सतम, मात्र 17 वर्ष की उम्र में, MMA की दुनिया में तेजी से उभर रही हैं। उनके कोच और परिवार के अनुसार, श्रिया ने बचपन से ही मार्शल आर्ट्स में रुचि दिखाई थी। किकबॉक्सिंग से अपनी शुरुआत करने वाली श्रिया ने धीरे-धीरे MMA की ओर रुख किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई खिताब जीते। एशियन यूथ गेम्स के लिए क्वालीफाई करना उनके लिए एक सपने जैसा था, लेकिन उन्होंने इसे हकीकत में बदल दिया।
श्रिया ने कहा, “यह मेडल मेरे लिए नहीं, बल्कि उन सभी भारतीय लड़कियों के लिए है जो खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। फाइनल में हार हुई, लेकिन इस सफर ने मुझे और मजबूत बनाया।”
टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन: ग्रुप स्टेज से फाइनल तक


श्रिया का सफर ग्रुप स्टेज से शुरू हुआ, जहां उन्होंने अपनी काबिलियत का पूरा प्रदर्शन किया। पहले मुकाबले में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रतिद्वंद्वी को निर्णायक अंकों से हराया। इसके बाद, किर्गिस्तान की खिलाड़ी को भी उन्होंने आसानी से पछाड़ दिया, जिससे वे अपने ग्रुप में टॉप पर रहीं। इन जीतों ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि भारतीय समर्थकों को उत्साहित भी कर दिया।
फाइनल मुकाबला कजाकिस्तान की अमेलिना बाकियेवा के खिलाफ हुआ, जो खुद एक कठिन प्रतिद्वंद्वी हैं। मैच की शुरुआत से ही बाकियेवा ने आक्रामक रुख अपनाया। पहले मिनट में ही उन्होंने श्रिया पर हैंड सबमिशन (आर्मबार) का जाल बिछा दिया, जिससे श्रिया को हार माननी पड़ी। हालांकि, श्रिया ने पूरे मैच में अपनी रक्षात्मक रणनीति से प्रभावित किया, लेकिन बाकियेवा की तेजी ने उन्हें रोक लिया।
MMA विशेषज्ञों का कहना है कि यह हार श्रिया के लिए एक सीख है। “50 किलोग्राम वर्ग में सबमिशन डिफेंस पर काम करने की जरूरत है, लेकिन उनकी ग्राउंड गेम और स्ट्राइकिंग शानदार है,” एक पूर्व MMA चैंपियन ने टिप्पणी की।
भारत के लिए MMA में नई शुरुआत
श्रिया का यह सिल्वर मेडल भारत के MMA इतिहास में एक मील का पत्थर है। एशियन यूथ गेम्स में MMA महिला वर्ग में यह पहला पदक है, जो भारतीय महिलाओं की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। इससे पहले, शुक्रवार को वीर भादु ने बॉयज 80 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को MMA में पहला पदक दिलाया था। श्रिया की जीत के साथ भारत के पास अब ट्रेडिशनल MMA में दो पदक हो गए हैं।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने श्रिया को बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि न केवल MMA बल्कि पूरे मार्शल आर्ट्स डिसिप्लिन के लिए प्रेरणा है। हम युवा एथलीट्स को और अधिक समर्थन देंगे।” MMA को भारत में तेजी से लोकप्रियता मिल रही है, और ऐसे पदक इस खेल को मुख्यधारा में लाने में मदद करेंगे।
एशियन यूथ गेम्स 2025: भारत की बढ़ती चमक
बहरीन में चल रहे इस आयोजन में भारत ने कुल 17 पदक जीते हैं, जो छठे स्थान पर पहुंचा चुका है। कजाकिस्तान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन भारतीय एथलीट्स का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
| खेल/इवेंट | एथलीट | पदक | वर्ग |
|---|---|---|---|
| ट्रेडिशनल MMA | श्रिया मिलिंद सतम | सिल्वर | गर्ल्स 50 किग्रा |
| ट्रेडिशनल MMA | वीर भादु | ब्रॉन्ज | बॉयज 80 किग्रा |
| एथलेटिक्स | भूमिका संजय नेहाते | ब्रॉन्ज | गर्ल्स 200 मीटर |
| डिस्कस थ्रो | ओशिन | सिल्वर | गर्ल्स |
| 400 मीटर | एडविना जेसन | सिल्वर | गर्ल्स |
| हाई जंप | जुबिन गोहैन | ब्रॉन्ज | बॉयज |
| 5000 मीटर वॉक | पलाश मंडल | ब्रॉन्ज | बॉयज |
यह तालिका भारत के प्रमुख पदकों को दर्शाती है, जहां मार्शल आर्ट्स और एथलेटिक्स में मजबूत प्रदर्शन हुआ। टेबल टेनिस, ताइक्वांडो और कुराश में भी भारतीयों ने योगदान दिया।
भविष्य की संभावनाएं: श्रिया का अगला लक्ष्य

श्रिया की यह सफलता उन्हें एशियाई जूनियर चैंपियनशिप और विश्व स्तर पर ले जाने वाली है। उनके कोच ने बताया कि ट्रेनिंग में सबमिशन टेक्नीक्स पर फोकस किया जाएगा। भारत सरकार की ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत ऐसे युवा टैलेंट को बढ़ावा मिल रहा है, जो MMA जैसे उभरते खेलों को मजबूत बनाएगा।
एशियन यूथ गेम्स 2025 के आयोजकों ने भी श्रिया की तारीफ की, कहा कि “उनकी दृढ़ता युवा एथलीट्स के लिए उदाहरण है।”
भारतीय MMA का भविष्य उज्ज्वल है, और श्रिया इसका चमकदार चेहरा बन चुकी हैं। अगले एशियन यूथ गेम्स में गोल्ड की उम्मीदें अब श्रिया से ही हैं!
follow us:-Pentoday | Facebook
