धार का पीएम मित्र पार्क: 23,000 करोड़ से अधिक का निवेश

16 सितंबर 2025 – मध्य प्रदेश के धार जिले में विकसित हो रहा प्रधानमंत्री मित्र (पीएम मित्र) टेक्सटाइल पार्क देश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। विभिन्न राज्यों से आए निर्माताओं ने इस पार्क में कुल 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की रुचि दिखाई है, जो न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि वस्त्र और परिधान उत्पादन तथा निर्यात के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पटल पर मजबूत बनाएगा। कल, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पार्क का शिलान्यास करेंगे, जो इसे भारत का सबसे बड़ा एकीकृत टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
यह पार्क कुल 2,158 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका अनुमानित प्रोजेक्ट कॉस्ट 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है। अब तक 91 कंपनियों को 1,300 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है, जबकि शेष भूमि चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में बताया कि 114 कंपनियों ने निवेश की रुचि जताई है, जिनमें से अधिकांश विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और राजस्थान से हैं। इन निवेशों से अनुमानित 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश आ चुका है, जो कुल आंकड़े को 23,000 करोड़ पार कर गया है।
मेड इन एमपी-वियर एक्रॉस द वर्ल्ड

“यह पार्क ‘मेड इन एमपी – वियर एक्रॉस द वर्ल्ड’ की अवधारणा को साकार करने वाला है,” मुख्यमंत्री यादव ने एक हालिया संवाददाता सम्मेलन में कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार का रणनीतिक स्थान, मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम और राज्य सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियां इस पार्क को आकर्षक बना रही हैं। पार्क में सस्टेनेबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को प्राथमिकता मिलेगी। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि टेक्सटाइल वैल्यू चेन के हर सेगमेंट – कच्चे माल से लेकर तैयार परिधान तक – को मजबूत बुनियादी ढांचा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मित्र योजना

धार पार्क की स्थापना प्रधानमंत्री मित्र योजना के तहत हो रही है, जो केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इस योजना के अंतर्गत देशभर में सात ऐसे पार्क विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन धार वाला सबसे बड़ा और पहला होगा जो पूरी तरह एकीकृत होगा। यहां स्पिनिंग, वीविंग, प्रोसेसिंग, गारमेंटिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पार्क मध्य प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा, खासकर अमेरिका, यूरोप और एशियाई बाजारों में निर्यात बढ़ाने में।
निवेशकों की रुचि का अंदाजा हाल ही के इंटरएक्टिव सेशन से लगाया जा सकता है। 3 सितंबर को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में आयोजित इस सेशन में 15 प्रमुख औद्योगिक घरानों ने भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप 12,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 18,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के अधिकारियों के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया 11 सितंबर तक चली, जिसमें सैकड़ों प्रस्ताव आए। “हमारा लक्ष्य है कि यह पार्क न केवल निवेश का केंद्र बने, बल्कि स्थानीय कारीगरों और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट का हब भी बने,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
टेक्सटाइल विरासत
धार जिले के लिए यह पार्क वरदान साबित होगा। जिले की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत – जहां पारंपरिक हथकरघा और हैंडलूम उद्योग फल-फूलते हैं – को आधुनिक तकनीक से जोड़कर नई ऊर्जा मिलेगी। अनुमान है कि यहां 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा। साथ ही, निर्यात-उन्मुख इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से भारत का टेक्सटाइल निर्यात, जो वर्तमान में 40 अरब डॉलर के आसपास है, अगले कुछ वर्षों में दोगुना हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी के शिलान्यास के साथ ही यह पार्क औपचारिक रूप से गति पकड़ेगा। राज्य सरकार ने वादा किया है कि सभी जरूरी मंजूरियां और सुविधाएं त्वरित उपलब्ध कराई जाएंगी। टेक्सटाइल उद्योग के जानकारों का कहना है कि धार पार्क न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के टेक्सटाइल क्षेत्र को नई दिशा देगा, जहां सस्टेनेबल प्रैक्टिसेस और इनोवेशन पर जोर होगा।
वियर एक्रॉस द वर्ल्ड
यह निवेश की बाढ़ धार को भारत के टेक्सटाइल मानचित्र पर चमकाने वाली है। क्या यह पार्क वाकई ‘वियर एक्रॉस द वर्ल्ड’ का सपना पूरा कर पाएगा? आने वाले दिनों में इसका जवाब मिलेगा, लेकिन शुरुआत तो शानदार हो चुकी है।
